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सैनिकों के सम्मान में डिंडौरी आगे, झंडा दिवस निधि में लक्ष्य से 1.88 लाख अधिक जुटाए

एडीटर: Chetram Rajpoot September 9, 2026

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– निर्धारित लक्ष्य से 1.87 लाख रुपये अधिक जुटाए, राज्यपाल की ओर से कलेक्टर को मिला प्रशंसा पत्र

डिंडौरी न्यूज । सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि संग्रह वर्ष 2024-25 में डिंडौरी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक राशि एकत्रित की है। जिले को निधि संग्रह के लिए 3 लाख 41 हजार 200 रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध जिले ने 5 लाख 29 हजार रुपये की राशि एकत्रित की। इस प्रकार जिले ने निर्धारित लक्ष्य से 1 लाख 87 हजार 800 रुपये अधिक का संग्रह किया।

जिले की इस उल्लेखनीय उपलब्धि और सशस्त्र सेनाओं के प्रति सम्मान एवं सहयोग की भावना को देखते हुए राज्यपाल मंगुभाई पटेल की ओर से डिंडौरी जिले को प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया है। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय शहडोल के कर्नल अरुण शुक्ला ने यह प्रशंसा पत्र कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया को भेंट किया।

– लक्ष्य से 155 प्रतिशत से अधिक संग्रह

सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि संग्रह में जिले को निर्धारित लक्ष्य का लगभग 155 प्रतिशत संग्रह प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि जिले के नागरिकों, अधिकारियों-कर्मचारियों तथा संबंधित विभागों द्वारा सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति दिखाई गई संवेदनशीलता एवं सहयोग की भावना को दर्शाती है।

सशस्त्र सेना झंडा दिवस के माध्यम से एकत्रित निधि का उपयोग देश की रक्षा करते हुए अपना योगदान देने वाले सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रित परिवारों के कल्याण से जुड़े कार्यों में किया जाता है। ऐसे में डिंडौरी जिले द्वारा लक्ष्य से अधिक निधि एकत्रित करना सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति जिले के सम्मान और कृतज्ञता का परिचायक माना जा रहा है।

– सामूहिक प्रयास से मिली सफलता

जिले की इस उपलब्धि के पीछे नागरिकों के साथ-साथ विभिन्न विभागों और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों का सामूहिक सहयोग रहा। निधि संग्रह के लिए किए गए प्रयासों में जिले के लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की, जिसके परिणामस्वरूप निर्धारित लक्ष्य से काफी अधिक राशि एकत्रित हो सकी।

राज्यपाल की ओर से प्राप्त प्रशंसा पत्र को जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह सम्मान भविष्य में भी सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सहयोग की भावना को और मजबूत करने की प्रेरणा देगा।

 

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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