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13.59 लाख की पुलिया निर्माण में बड़ी गड़बड़ी उजागर, क्षतिग्रस्त होकर आवागमन हुआ बंद: उपयंत्री समेत 3 को नोटिस जारी 

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot August 28, 2026

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– पुलिया निर्माण में अनियमितता एवं लापरवाही पर उपयंत्री सहित तीन को कारण बताओ नोटिस

डिंडौरी न्यूज। जनपद पंचायत करंजिया अंतर्गत ग्राम पंचायत सेनगूढ़ा के ग्राम सरेहा में शिवनार नाले पर निर्मित पुलिया के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की जांच के बाद संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत करंजिया द्वारा 27 अगस्त 2026 को मौके पर पहुंचकर पुलिया निर्माण कार्य का निरीक्षण एवं जांच की गई। जांच में पाया गया कि पुलिया निर्माण के लिए 13.59 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसमें मजदूरी मद में 1.91 लाख रुपये तथा सामग्री मद में 11.68 लाख रुपये स्वीकृत थे। मजदूरी मद में 1.86 लाख रुपये व्यय होना पाया गया।

जांच के दौरान पुलिया निर्माण के लिए स्थल चयन एवं स्वीकृति निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं होना तथा निर्माण कार्य निर्धारित मानकों एवं मापदंडों के अनुसार नहीं कराया जाना सामने आया। इसके कारण पुलिया क्षतिग्रस्त होकर आवागमन के लिए अनुपयोगी हो गई।

सामग्री मद की 9.39 लाख रुपये की राशि के देयक सरपंच, सचिव एवं उपयंत्री के सत्यापन के बाद भुगतान के लिए मनरेगा सॉफ्टवेयर में एमआईएस किए गए थे। प्रथम दृष्टया संबंधित उपयंत्री द्वारा मनरेगा प्रावधानों के विपरीत कार्य का मूल्यांकन एवं सत्यापन किया जाना प्रतीत हुआ।

पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता पाए जाने पर उपयंत्री श्री भुवन प्रसाद भैना, सहायक यंत्री श्री कशिश नायक एवं ग्राम पंचायत सचिव श्री शंकर मार्को को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।

संबंधितों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के संबंध में तीन दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय-सीमा में समाधानकारक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

जिला पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, निर्धारित मापदंडों एवं नियमों का पालन अनिवार्य है। निर्माण कार्यों में लापरवाही, अनियमितता अथवा शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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