—Advertisement—

डिंडौरी पुलिस में मेगा प्रमोशन: 127 आरक्षक बने प्रधान आरक्षक..यहाँ देखें सूची 

एडीटर: Chetram Rajpoot July 13, 2026

—Advertisement—

– अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अनारक्षित संवर्ग के आरक्षकों को पदोन्नति आदेश जारी 

डिंडौरी न्यूज । जिले के पुलिस विभाग में कार्यरत आरक्षकों के लिए सोमवार का दिन खुशियों भरा रहा। कार्यालय पुलिस अधीक्षक डिंडौरी द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत जिले में पदस्थ 127 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक पद पर पदोन्नति के आदेश जारी किए गए। पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे ने पदोन्नत पुलिस कर्मियों के बाहों पर प्रधान आरक्षक की लाल पट्टिका लगाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार पदोन्नति सूची में अनुसूचित जनजाति संवर्ग के 16, अनुसूचित जाति संवर्ग के 19 तथा अनारक्षित संवर्ग के 82 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक पद पर पदोन्नत किया गया है। वहीं अनुसूचित जनजाति संवर्ग के 2 एवं अनारक्षित संवर्ग के 8 आरक्षकों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। इस प्रकार कुल 127 आरक्षकों के पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं।

यहाँ देखें लिस्ट…

Loader Loading...
EAD Logo Taking too long?

Reload Reload document
| Open Open in new tab

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पदोन्नति मध्यप्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग एवं मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के प्रावधानों के अनुसार वरिष्ठता सूची के आधार पर की गई है। पदोन्नत कर्मचारियों को उनके वर्तमान पदस्थापना स्थल पर ही आगामी आदेश तक प्रधान आरक्षक के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं तथा उन्हें नियमानुसार वेतनमान एवं अन्य सेवा संबंधी लाभ प्रदान किए जाएंगे।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित गरिमामय समारोह में एसपी श्री आशीष खरे ने सभी पदोन्नत प्रधान आरक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि पदोन्नति केवल अधिकार नहीं बल्कि जिम्मेदारियों में वृद्धि का भी प्रतीक है। उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों से जनता के प्रति संवेदनशीलता, अनुशासन और निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं देने का आह्वान किया।

पदोन्नति प्राप्त पुलिस कर्मियों ने भी विभाग एवं वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नई जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी एवं समर्पण के साथ निर्वहन करने का संकल्प लिया। पुलिस विभाग में लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों के लिए यह आदेश राहत और उत्साह लेकर आया है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

Leave a Comment