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Dindori News: निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता में कमी पर होगी वसूली: कलेक्टर

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot July 5, 2026

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– निर्माण विभागों की समीक्षा बैठक में समय-सीमा, गुणवत्ता और पारदर्शिता पर दिया जोर, कहा— कोई भी सरकारी निर्माण शिकायत का कारण नहीं बनना चाहिए

डिंडौरी न्यूज। जिले में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में निर्माण विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य अनुबंध के अनुरूप, निर्धारित गुणवत्ता के साथ एवं तय समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी निर्माण कार्य में गुणवत्ता संबंधी कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारी से वसूली की कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में शहपुरा एसडीएम श्री ऐश्वर्य वर्मा, डिंडौरी एसडीएम श्री रामबाबू देवांगन, संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, बजाग एसडीएम श्री अक्षय डिगरसे सहित लोक निर्माण विभाग, हाउसिंग बोर्ड, एमपीआरडीसी, पीआईयू, जिला शिक्षा विभाग, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, जल संसाधन विभाग एवं अन्य निर्माण एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भू-अर्जन की प्रक्रिया राजस्व विभाग के समन्वय से समय पर पूरी की जाए तथा लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाकर अनावश्यक विलंब को रोका जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी शासकीय निर्माण कार्य शिकायत का कारण नहीं बनना चाहिए और निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी कार्य अनुबंध की शर्तों और तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां आवश्यक संकेतक बोर्ड लगाए जाएं। वहीं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत ऐसी सड़कों का निर्माण किया जाए, जिनमें बार-बार मरम्मत की आवश्यकता न पड़े।

बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्माणाधीन विद्यालय भवनों को शीघ्र पूर्ण करने, गुणवत्तापूर्ण प्रवेश द्वार तैयार कराने तथा किसी भी भवन को परीक्षण एवं संतुष्टि के बाद ही हैंडओवर लेने के निर्देश दिए। साथ ही सभी पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों पर सूचना पटल अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश भी दिए गए।

पंचायती राज विभाग के अंतर्गत सामुदायिक भवन, आंगनवाड़ी भवन, पंचायत भवन एवं अन्य विकास कार्यों को भी समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि यदि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की गुणवत्ता संबंधी कमी सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध वसूली सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सीईओ, सचिव एवं सहायक अभियंताओं को नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर आमजन से संवाद स्थापित करने और स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की भी हिदायत दी। उन्होंने पुल निर्माण के बाद शेष मलबा तत्काल हटाने, आवश्यक साइन बोर्ड लगाने तथा वर्षा ऋतु में बाधित होने वाले मार्गों को व्यवस्थित कर आवागमन सुचारु बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

बैठक के अंत में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सड़क, भवन, आवासीय एवं अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति से कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी विकास कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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