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हमारी शिक्षिका वापस लाओ : उमा उपाध्याय के तबादले के विरोध में पूरा गांव उतरा, कलेक्टर से लगाई गुहार

akvlive.in

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– ग्रामीणों ने कहा– शिक्षिका के प्रयासों से बच्चों का भविष्य संवर रहा, तबादले से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होगी

डिंडौरी। शासकीय प्राथमिक शाला शिकारी टोला, भालापुरी में पदस्थ शिक्षिका उमा उपाध्याय के स्थानांतरण का ग्रामीणों ने विरोध करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामवासियों ने शिक्षिका का स्थानांतरण आदेश तत्काल निरस्त कर उन्हें पुनः उनकी मूल शाला में पदस्थ रखने की मांग की है।

ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए आवेदन में बताया गया है कि पिछले कुछ वर्षों से विद्यालय भवन जर्जर होने के कारण उसका डिस्मेंटल किया गया था, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इसके बावजूद शिक्षिका उमा उपाध्याय ने कठिन परिस्थितियों में भी वैकल्पिक व्यवस्था कर बच्चों की पढ़ाई लगातार जारी रखी और विद्यालय संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय भवन की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। उल्टा विभागीय नोटिसों के कारण शिक्षिका मानसिक रूप से परेशान हुईं, जिसके बाद उनका स्थानांतरण हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि इसका सीधा असर गांव के गरीब बच्चों की शिक्षा पर पड़ेगा।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2009 से शासकीय प्राथमिक शाला शिकारी टोला में पदस्थ उमा उपाध्याय ने पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। उन्होंने बच्चों को अपने परिवार की तरह स्नेह दिया, उनकी पढ़ाई के साथ-साथ हर छोटी-बड़ी आवश्यकता का भी ध्यान रखा। उनकी मेहनत के कारण गांव के कई बच्चे उच्च शिक्षा की ओर बढ़े हैं और विद्यालय की पहचान भी बनी है।

ग्रामीणों ने बताया कि बच्चे शिक्षिका से गहरा लगाव रखते हैं। उनके स्थानांतरण के बाद बच्चे उदास हैं और कई बच्चे स्कूल जाने से भी इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षिका के जाने से विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो जाएगी।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि उमा उपाध्याय का स्थानांतरण आदेश तत्काल निरस्त किया जाए, उन्हें पुनः उनकी मूल शाला में पदस्थ किया जाए तथा विद्यालय भवन का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया है कि शिक्षिका को जिले से कार्यमुक्त न किया जाए और बच्चों के हित को प्राथमिकता देते हुए उचित निर्णय लिया जाए।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

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