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MP News: प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही बरतने पर 21 पंचायत सचिवों को नोटिस जारी

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot April 18, 2026

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– कलेक्टर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा की

मध्यप्रदेश के सिवनी जिले की कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने शनिवार को घंसौर विकासखंड में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती मीना ने प्रधानमंत्री_आवास_योजना के तहत कार्य प्रारंभ न करने वाली 21 ग्राम पंचायतों के सचिवों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही मनरेगा में कम मानव दिवस सृजन वाली पंचायतों को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय-सीमा में किस्त वितरण कर आवास पूर्ण कराना प्राथमिकता होनी चाहिए, विशेष रूप से जनमन एवं धरती आबा ग्रामों में कार्य किया जाये।

कलेक्टर श्रीमती मीना ने स्पष्ट किया कि अब मैदानी अमले की उपस्थिति और कार्यप्रणाली पर “सार्थक ऐप” के माध्यम से कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सीईओ, एई, सब-इंजीनियर सहित सभी फील्ड अधिकारियों की उपस्थिति इसी ऐप से सुनिश्चित होगी। उन्होंने दो टूक कहा कि फील्ड में अनुपस्थित पाए जाने पर सीधे जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा अंतर्गत शत-प्रतिशत ई-केवाईसी एक माह में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।

– जल_गंगा_संवर्धन_अभियान

जल गंगा अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती मीना ने खेत तालाब, डगवेल, वाटरशेड और भू-जल रिचार्ज कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक कार्य स्वीकृत कर समय-सीमा में पूरे किए जाएं, लेकिन केवल लक्ष्य पूर्ति नहीं—बल्कि स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करने पर फोकस हो।

उन्होंने कहा कि वर्षा जल संचयन को प्रभावी बनाया जाए, भू-जल स्तर में सुधार लाया जाए और भविष्य में पेयजल व सिंचाई संकट को कम करने की दिशा में कार्य हों। जनभागीदारी को अभियान की सफलता का आधार बताते हुए उन्होंने तालाबों के गहरीकरण और सफाई में ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही किसानों को तालाबों से निकली गाद खेतों में उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए, ताकि मिट्टी की उर्वरता भी बढ़े।

– पेयजल, पौधरोपण और आधारभूत सुविधाओं पर फोकस

बैठक में कलेक्टर श्रीमती मीना ने “एक बगिया माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण कार्यों की समीक्षा करते हुए पौधों की उत्तरजीविता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नवीन आंगनवाड़ी केंद्र, पोषण वाटिका और वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने के लिए आरईएस अधिकारियों को निर्देशित किया गया। ग्रामवार नल-जल योजना की समीक्षा में कलेक्टर श्रीमती मीना ने पेयजल आपूर्ति निर्बाध रखने, बंद हैंडपंपों में मोटर लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था करने और गर्मी को देखते हुए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी पंचायत में सचिव या जीआरएस का पद रिक्त न रहे। इसके लिए आवश्यकतानुसार निकटतम ग्राम के कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह, एसडीएम श्री बिसन सिंह सहित सभी पंचायतों के सचिव, रोजगार सहायक अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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