– भाजपा शासन में RSS समर्थित किसान संघ की जिला इकाई का सामूहिक इस्तीफा
– आंदोलन के दौरान सौंपे गए 29 मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से लिया फैसला
डिंडौरी । जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाने वाले भारतीय किसान संघ की जिला इकाई ने बड़ा और चौंकाने वाला निर्णय लेते हुए सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। संगठन के जिला पदाधिकारियों ने प्रांतीय नेतृत्व को पत्र भेजकर स्वयं को दायित्वों से कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया है। इस घटनाक्रम के बाद जिले में किसान संगठनों के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय किसान संघ जिला डिण्डौरी लंबे समय से किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन के समक्ष लगातार आवाज उठाता रहा है। संगठन के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याएं सुनते रहे और संगठन का विस्तार करते हुए कई ग्राम समितियों का गठन भी किया गया। इसके चलते संगठन की सक्रियता जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बढ़ी थी।
बताया गया है कि किसानों की मांगों को लेकर 29 दिसंबर 2025 से शहपुरा स्थित रानी दुर्गावती स्टेडियम में अनिश्चितकालीन हड़ताल भी शुरू की गई थी। इस आंदोलन के दौरान किसानों की 29 प्रमुख मांगों को लेकर जबलपुर संभाग के आयुक्त को ज्ञापन सौंपा जाना था। हालांकि लंबे आंदोलन और लगातार प्रयासों के बावजूद किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस पहल सामने नहीं आई।
संगठन के जिला पदाधिकारियों का कहना है कि किसानों के हितों के लिए लगातार संघर्ष करते हुए कार्यकर्ताओं ने व्यक्तिगत स्तर पर भी काफी समय और धन खर्च किया। बावजूद इसके उनकी मांगों और प्रयासों को अपेक्षित सहयोग और सकारात्मक परिणाम नहीं मिल सके। इसी स्थिति से निराश होकर संगठन की जिला कार्यकारिणी ने सामूहिक रूप से अपने दायित्वों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
इस संबंध में संगठन के जिला अध्यक्ष बिहारी लाल साहू और जिला मंत्री एडवोकेट निर्मल कुमार साहू के हस्ताक्षरयुक्त पत्र प्रांतीय पदाधिकारियों को भेजा गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि किसानों की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन अपेक्षित परिणाम और सहयोग नहीं मिलने के कारण यह निर्णय लेना पड़ा।
जिला कार्यकारिणी के इस सामूहिक इस्तीफे के बाद किसान संगठनों के बीच चर्चा का माहौल बन गया है। चूंकि भारतीय किसान संघ को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा संगठन माना जाता है और केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकार है, ऐसे में इस घटनाक्रम को लेकर सियासी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
अब देखना यह होगा कि संगठन के प्रांतीय पदाधिकारी इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं और डिंडौरी जिले में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे किस प्रकार संचालित किया जाएगा। इस्तीफे की प्रति मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री को भी सूचनार्थ भेजी गई है।









