Dindori Today News, डिंडौरी न्यूज।जनपद पंचायत करंजिया के अध्यक्ष श्री चरण सिंह धुर्वे को लगातार सामान्य सभा की बैठकों में अनुपस्थित रहने के मामले में बड़ा प्रशासनिक झटका लगा है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डिंडौरी श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 36(2)(ग) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उनका अध्यक्ष पद रिक्त घोषित कर दिया है।
कलेक्टर न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुसार श्री चरण सिंह धुर्वे दिनांक 13 फरवरी 2025, 12 मार्च 2025, 9 अप्रैल 2025, 10 जून 2025, 29 जुलाई 2025 एवं 15 अक्टूबर 2025 को आयोजित जनपद पंचायत करंजिया की सामान्य सभा की कुल 6 बैठकों में लगातार बिना विधिवत सूचना के अनुपस्थित रहे। इस संबंध में कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत डिंडौरी द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिस पर विधिवत प्रकरण पंजीबद्ध कर सुनवाई की गई।
– जिला बदर आदेश को बनाया आधार, पर तामीली नहीं होने से कमजोर पड़ा पक्ष
अनावेदक की ओर से अधिवक्ता द्वारा यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि कलेक्टर द्वारा दिनांक 10 जनवरी 2025 को पारित जिला बदर आदेश के कारण वे बैठकों में शामिल नहीं हो सके। साथ ही यह भी बताया गया कि उन्होंने दिनांक 13 जनवरी 2025 को जनपद पंचायत को आवेदन देकर उपाध्यक्ष को बैठकों की अध्यक्षता हेतु अधिकृत किया था।
हालांकि, थाना प्रभारी करंजिया एवं जिला प्रशासन से प्राप्त प्रतिवेदनों में यह स्पष्ट हुआ कि जिला बदर आदेश आज दिनांक तक विधिवत तामील नहीं हुआ था, क्योंकि आरोपी गिरफ्तारी के डर से फरार रहा। ऐसे में यह तर्क स्वीकार योग्य नहीं पाया गया कि वे विधिवत अनुमति लेकर अनुपस्थित रहे थे।
– आपराधिक पृष्ठभूमि और विकास कार्यों पर प्रभाव भी बना आधार
प्रकरण की सुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक डिंडौरी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि श्री चरण सिंह धुर्वे के विरुद्ध वर्ष 2002 से अब तक विभिन्न धाराओं में 21 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। रिपोर्ट में उनकी गतिविधियों को शांति भंग करने वाला तथा अवैध वसूली जैसे कृत्यों में लिप्त बताया गया।
वहीं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत करंजिया ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि अध्यक्ष की अनुपस्थिति के कारण 15वें वित्त आयोग की राशि की समीक्षा बाधित हुई, जिससे शासन की महत्वपूर्ण एवं विकासपरक योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब हुआ और जनपद क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित हुए।
– लोकहित में लिया गया निर्णय
सभी पक्षों के तर्क, प्रतिवेदन एवं दस्तावेजों के परीक्षण के उपरांत कलेक्टर न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि श्री चरण सिंह धुर्वे का अध्यक्ष पद पर बने रहना लोकहित में नहीं है। अतः म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 36(2)(ग) की उपधारा (3) के तहत उनका पद स्वतः रिक्त माना गया।
– जिला दंडाधिकारी ने जारी किया आदेश
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया द्वारा दिनांक 09 फरवरी 2026 को पारित आदेश में श्री चरण सिंह धुर्वे, अध्यक्ष/जनपद सदस्य जनपद पंचायत करंजिया का पद रिक्त घोषित किया गया है।








