– 117 साल बाद भी रेल सुविधाओं से वंचित मण्डला, रेल मंत्री के नाम सौंपा गया मांगों का ज्ञापन
मण्डला। मण्डला लोकसभा क्षेत्र में रेलवे सुविधाओं के विस्तार को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है। राष्ट्रीय रेल्वे संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार 09 फरवरी 2026 को मण्डला फोर्ट रेलवे स्टेशन पर संकेतिक धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान समिति ने रेल मंत्री भारत सरकार अश्वनी वैष्णव के नाम स्टेशन अधीक्षक मण्डला फोर्ट के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
समिति ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि मण्डला फोर्ट रेलवे स्टेशन की स्थापना वर्ष 1909 में हुई थी, किंतु देशभर में रेलवे नेटवर्क के व्यापक विस्तार के बावजूद यह स्टेशन आज भी अत्यंत पिछड़ी स्थिति में है। वर्तमान में यहां से केवल 40 किलोमीटर दूर नैनपुर तक ही रेल परिचालन सीमित है, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से क्षेत्र की जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
राष्ट्रीय रेल्वे संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्व में भी कई बार धरना-प्रदर्शन कर रेलवे मंत्रालय एवं रेलवे बोर्ड को ज्ञापन भेजे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। इसी क्रम में एक बार फिर जनता की समस्याओं को लेकर यह ज्ञापन सौंपा गया है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मण्डला तक पैंचवेली एक्सप्रेस के विस्तार, मण्डला से नागपुर एवं दिल्ली के लिए सीधी रेलगाड़ियां शुरू करने, रायपुर, भोपाल एवं पूना के लिए ट्रेन संचालन की मांग की गई है। साथ ही पेंड्रा–डिंडौरी–मण्डला–गोटेगांव रेल लाइन के स्वीकृत सर्वे के अनुरूप शीघ्र निर्माण, मण्डला से घंसौर तक नई रेलवे लाइन जोड़ने तथा बिलासपुर–पंडरिया–डोंगरगढ़ रेल लाइन को मण्डला होते हुए जबलपुर तक विस्तारित करने की मांग प्रमुखता से रखी गई।
समिति ने मण्डला फोर्ट स्टेशन को टर्मिनल स्टेशन मानते हुए यहां ट्रेन वाशिंग एप्रोन, कोचिंग डिपो, स्टेबलिंग लाइन, रेलवे कर्मचारियों के लिए आवास एवं विश्रामगृह तथा सुरक्षा के लिए आरक्षी थाना स्थापित करने की भी मांग की है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि स्टेशन के पास पर्याप्त भूमि एवं नर्मदा नदी की उपलब्धता के कारण इन सुविधाओं का विकास आसानी से किया जा सकता है।
धरना प्रदर्शन के दौरान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप मिश्रा, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अनूप बासल, राष्ट्रीय महासचिव सत्यनारायण अग्रवाल एवं चन्द्रमोहन सराफ, प्रादेशिक अध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले सहित अनेक पदाधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि मण्डला जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र को देश की मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ा जाए, जिससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
समिति ने आशा व्यक्त की है कि रेल मंत्रालय जनता की इन जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर मण्डला क्षेत्र को बड़ी राहत प्रदान
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