डिंडौरी न्यूज। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा में गंभीर अनियमितताएँ सामने आने पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर द्वारा जनपद पंचायत अमरपुर एवं डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।
दिनांक 06 फरवरी 2026 को की गई समीक्षा में पाया गया कि जनपद पंचायत अंतर्गत नवीन सामुदायिक भवन, आंगनवाड़ी भवन, मनरेगा एवं जल संरक्षण अभियान से जुड़े सैकड़ों कार्य निर्धारित समय सीमा के बावजूद अपूर्ण हैं, जबकि कई कार्यों में बजट होने के बाद भी प्रगति अत्यंत धीमी पाई गई।
– अमरपुर जनपद पंचायत की स्थिति
समीक्षा में उजागर हुआ कि वर्ष 2024-25 के नवीन सामुदायिक भवनों के 02 कार्य एवं वर्ष 2025-26 के 04 कार्य आज तक पूर्ण नहीं किए गए। इसके अतिरिक्त आंगनवाड़ी भवनों के 18 कार्य पूर्ण कर प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए।
मनरेगा अंतर्गत कुल 1489 कार्यों में से केवल 420 कार्यों की ही पूर्णता प्रमाण पत्र जारी हुए हैं। शासन के निर्देशों के विपरीत कई कार्य वित्तीय वर्ष समाप्ति तक भी पूरे नहीं किए गए।
डिंडौरी जनपद पंचायत की स्थिति
डिंडोरी जनपद में मनरेगा अंतर्गत 4105 कार्यों में से मात्र 978 कार्यों की पूर्णता प्रमाण पत्र जारी की गई है। जल संरक्षण अभियान एवं अन्य निर्माण कार्यों में भी अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई। कई कार्य वर्ष 2021-22 से लंबित बताए गए हैं, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
– सेवा नियमों के उल्लंघन का आरोप
कलेक्टर ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई योग्य कृत्य बताया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि 12 फरवरी 2026 तक संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया अथवा 15 मार्च 2026 तक लक्ष्य अनुसार कार्य पूर्ण नहीं हुए, तो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।








