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Dindori Today News : सरकारी शिक्षक का गरीबी रेखा में नाम, बीपीएल की अंक से पत्नी बन गई आंगनबाड़ी सहायिका..?

एडीटर: Chetram Rajpoot January 18, 2026

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– मास्टर जी ने धोखाधड़ी कर बनवाया बीपीएल,अधिक अंक पाने वाली गरीब बेटियों की हक पर डाका 

– जिला स्तरीय छानबीन समिति के निर्णय को लेकर उठ रहे सवाल..?

डिंडौरी न्यूज । शहपुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मरवारी में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। यहां शिक्षक की पत्नी अर्पणा झारिया, जिनके अंक मात्र 66.5 हैं, को आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका पद पर नियुक्त कर दिया गया, जबकि इसी भर्ती प्रक्रिया में 68 अंक प्राप्त करने वाली रितु बर्मन और 67.5 अंक वाली मेघा झारिया जैसी गरीब व लाचार परिवारों की बेटियां चयन से वंचित रह गईं और आज मजबूरी में घरों में काम करने को विवश हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षक के परिवार के पास बीपीएल कार्ड होना बताया जा रहा है।

नियमों के अनुसार शासकीय कर्मचारी होने की स्थिति में बीपीएल कार्ड बनना ही नहीं चाहिए, इसके बावजूद कथित तौर पर संबंधित परिवार बीपीएल कार्ड के जरिए राशन की दोनों योजनाओं का लाभ उठा रहा है। वहीं, वास्तविक रूप से गरीब परिवारों की बेटियां न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं।

इस पूरे मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अंकों और पात्रता के आधार पर निष्पक्ष चयन होता, तो अधिक अंक पाने वाली गरीब बेटियों को रोजगार मिलता। अब सवाल यह है कि आखिर कब सुधरेगा यह सिस्टम और कब रुकेगा गरीबों के हक पर डाका डालने वाला भ्रष्टाचार।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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