डिंडौरी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय डिंडौरी के निर्देशन में जिला अस्पताल में बुधवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) अंतर्गत बाल हृदय कैंप का सफल आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पांडे और सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजय राज की देखरेख में यह कैंप जिला समन्वयक ओम प्रकाश उरैती के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

जिले के सभी विकासखंडों से मोबाइल हेल्थ टीमों द्वारा पूर्व में चिन्हांकित जन्मजात हृदय रोग (CHD) से पीड़ित 87 बच्चों को कैंप में जांच हेतु बुलाया गया था। इनमें से 56 बच्चों का पंजीयन एवं ईको-कार्डियोग्राफी जांच मेट्रो हॉस्पिटल जबलपुर के वरिष्ठ कार्डियक विशेषज्ञ डॉ. के. एक. उमा महेश्वर द्वारा की गई।
ईको जांच के बाद विशेषज्ञ टीम ने 11 बच्चों को आगे की उन्नत चिकित्सा हेतु चिन्हांकित किया, जिनमें 08 बच्चों को मेट्रो हॉस्पिटल जबलपुर, 03 बच्चों को मुंबई रेफर किया गया है।
चिकित्सकों ने बताया कि समय पर जांच और उपचार से बच्चों के हृदय रोगों का प्रभावी ढंग से इलाज संभव है। इस प्रकार के कैंप दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को जीवन रक्षक उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कैंप के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम में आयुष चिकित्सक डॉ. ऋषिकेश सिंह, डॉ. हर्षवर्धन सिंह धुर्वे, डॉ. त्रिवेणी धुर्वे, डॉ. नागेश मानिकपुरी, डॉ. प्रभात अवधिया, डॉ. बलराम सिंह उईके, डॉ. आकाश सिंद्रम, डॉ. मुकेश परते सहित एएनएम हुलसी मरकाम, कविता पटेल सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के हृदय रोग के लक्षण दिखने पर बच्चों की समय पर जांच अवश्य कराएं, जिससे बेहतर इलाज और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।









