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अमृत सरोवर बना भ्रष्टाचार का प्रतीक: 24 लाख की योजना गर्मी की शुरुआत में ही सूखी, ग्रामीणों पर जल संकट का साया

एडीटर: Chetram Rajpoot April 10, 2025

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डिंडौरी न्यूज।  जिले के मेंहदवानी जनपद अंतर्गत बैगान टोला गांव में जल संरक्षण के लिए बनाई गई अमृत सरोवर योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। सरकार द्वारा जल संकट से राहत के लिए 24 लाख रुपये की लागत से बनाए गए इस सरोवर में गर्मी शुरू होते ही पानी पूरी तरह सूख गया है। जिससे ग्रामीणों को पीने और सिंचाई दोनों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
– ग्रामीणों की दुर्दशा, प्रशासन उदासीन
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरोवर का निर्माण गुणवत्ता के मानकों को दरकिनार करते हुए किया गया। जल संरक्षण की मूल भावना को दरकिनार कर सरपंच, सचिव और उपयंत्री ने इस योजना को केवल कागजों पर सफल दिखाने का प्रयास किया, जबकि धरातल पर यह पूरी तरह विफल साबित हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना की राशि का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।
– पानी के लिए लंबी दूरी तय कर रहे ग्रामीण
गांव के लोगों का कहना है कि सरोवर सूखने से न सिर्फ फसलें प्रभावित होंगी बल्कि पशुओं के लिए भी संकट उत्पन्न हो गया है। महिलाओं और बच्चों को पीने के पानी के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कई बार जनपद और जिला प्रशासन से अमृत सरोवर की सफाई, गहरीकरण और पुनर्भरण की मांग की, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।
ग्रामीणों की मांग: हो जांच और कार्रवाई
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर समय रहते संज्ञान नहीं लिया गया तो अन्य गांवों में भी स्थिति भयावह हो सकती है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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