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सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों ने जल संरक्षण हेतु किया श्रमदान 

एडीटर: Chetram Rajpoot February 16, 2025

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डिंडौरी न्यूज़। मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम अंतर्गत बीएमडब्ल्यू / एमएसडब्ल्यू के छात्र छात्रों के द्वारा ग्राम लाखों में राजीव गांधी जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मध्य प्रदेश शासन द्वारा ‘जल अभियान: सहभागिता से पानी का संरक्षण एक्सपोजर विजिट अंतर्गत जल संरक्षण का कार्यक्रम बोरी बांध किया गया।

इस दौरान समरसता भोज का भी आयोजन किया गया, उक्त कार्यक्रम में गणेश सिंह राजपूत प्रकाश राजपूत बृजमोहन हनुमंत ललित उईके रघुनाथ चंदेल रतन बेलिया ग्राम के सरपंच अशोक धुर्वे प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष सतीश मरावी, कोमल सिंह, अरुण चंदेल कार्यक्रम समन्यवक सेक्टर क्रमांक 3 सहित ग्राम के लोग बीएसडब्ल्यू / एमएसडब्ल्यू के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
जल संग्रहण की इस तकनीक के कई फायदे हैं, जैसे बोरी बंधान सस्ता होने के साथ कम समय में बनाया जा सकता है और इससे जल संग्रहण करने में कई गुना फायदा होगा। इसकी देखरेख का कोई खर्चा नहीं आता है, जिसमें पानी और मिट्टी के संरक्षण व संवर्धन के लिए उपचार विधियों, तकनीकों व संरचनाओं संबंधी विकल्प और सुझाव दिए गए हैं। क्योंकि स्थानीय लोग स्वयं इसकी देखरेख कर सकते हैं। पक्के बांधों की तुलना में इससे कम खर्च सलाना तौर पर वर्षा जल का संग्रहण बढ़ाया जा सकता है। मिट्टी का कटाव रोकने के लिए बोरी बांध का उपयोग किया जाता है।
 जल संग्रहण और भूजल भण्डारण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक नई तकनीकी को मान्यता दी गई, जिसे बोरी बांध के नाम से जाना जाता है। इससे भूजल पुनर्भरण में तो मदद मिलती ही है, साथ ही इससे सिंचाई हेतु पानी के सतही स्रोत का भी भरपूर उपयोग किया जा सकता है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...