– सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए एकीकृत निर्देश, कंप्यूटर दक्षता की अनिवार्यता बरकरार
भोपाल न्यूज। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने चतुर्थ श्रेणी के शासकीय कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 अथवा समकक्ष पद पर पदोन्नति देने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। 14 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान कंप्यूटर प्रवीणता एवं प्रमाणन परीक्षा (CPCT) की अर्हता से छूट, आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, परिवीक्षा अवधि और कंप्यूटर दक्षता प्रमाण-पत्र को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। इन निर्देशों से पदोन्नति की प्रक्रिया में आ रही कठिनाइयों को दूर करने और पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अंकित अस्थाना द्वारा मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से जारी इस आदेश का क्रमांक 1/1/0057/2026/GAD-3-01 है। यह आदेश शासन के समस्त विभागों, संभागीय आयुक्तों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को भेजा गया है। इसमें पूर्व में जारी विभिन्न परिपत्रों के निर्देशों को समेकित करते हुए चतुर्थ श्रेणी से सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के संबंध में स्पष्टीकरण दिया गया है।
– 45 वर्ष की आयु पूरी करने वाले कर्मचारियों को मिलेगी राहत
आदेश के बिंदु क्रमांक पांच के अनुसार, चतुर्थ श्रेणी के ऐसे शासकीय सेवक, जो अपनी पदोन्नति की तिथि तक 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, उन्हें सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए CPCT स्कोर कार्ड की अनिवार्यता से छूट प्रदान की जाएगी। हालांकि, इस छूट का अर्थ कंप्यूटर दक्षता की अनिवार्यता समाप्त होना नहीं है। संबंधित कर्मचारियों के लिए कंप्यूटर दक्षता आवश्यक बनी रहेगी। इस प्रावधान का उद्देश्य उन कर्मचारियों को राहत देना है, जो निर्धारित सेवा अवधि और अन्य आवश्यक योग्यताएं पूरी करने के बावजूद CPCT स्कोर कार्ड की शर्त के कारण पदोन्नति की प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
– दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में पूरी करनी होंगी निर्धारित योग्यताएं
विभागीय पदोन्नति के लिए सहायक ग्रेड-3 के पद की निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर पदोन्नत किए जाने का प्रावधान किया गया है। इस अवधि में संबंधित कर्मचारी को कंप्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षा (CPCT) उत्तीर्ण करने के साथ-साथ किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा अथवा प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा।
आदेश में कंप्यूटर संबंधी योग्यता के लिए विभिन्न मान्यता प्राप्त संस्थानों और पाठ्यक्रमों का उल्लेख किया गया है। इनमें विश्वविद्यालयों से प्राप्त कंप्यूटर डिप्लोमा, मुक्त विश्वविद्यालयों से प्राप्त डिप्लोमा, डीओईएसीसी से डिप्लोमा स्तर की परीक्षा, शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट कोर्स तथा राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (NCVT) अथवा राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (SCVT) से प्राप्त एक वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA) प्रमाण-पत्र शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, आदेश में निर्धारित कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी शैक्षणिक योग्यताओं को भी मान्य किया गया है।



– कंप्यूटर और आईटी से जुड़ी इन योग्यताओं को भी मान्यता
सामान्य प्रशासन विभाग ने कंप्यूटर दक्षता से संबंधित विभिन्न डिग्री और डिप्लोमा को भी मान्य योग्यताओं में शामिल किया है। इनमें बीई (कंप्यूटर साइंस/आईटी), एमसीए, बीसीए, एमएससी (आईटी/कंप्यूटर साइंस), बीएससी (आईटी/कंप्यूटर साइंस), एमटेक, एमई तथा एआईसीटीई से अनुमोदित कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर एप्लीकेशन और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से संबंधित पॉलिटेक्निक डिप्लोमा जैसी योग्यताएं शामिल हैं।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बीएससी या बीकॉम की ऐसी डिग्री, जिसमें केवल एक कंप्यूटर विषय पढ़ाया गया हो, सामान्य रूप से कंप्यूटर डिप्लोमा के समकक्ष मान्य नहीं होगी। हालांकि, यदि बीएससी की अंकसूची में आईटी अथवा कंप्यूटर साइंस विषय प्रमाणित है और संबंधित कर्मचारी ने निर्धारित विषयों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की है, तो नियमानुसार उसे बीएससी (आईटी/कंप्यूटर साइंस) के समकक्ष मान्यता दी जा सकेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य कंप्यूटर संबंधी योग्यता को लेकर अलग-अलग व्याख्याओं की स्थिति समाप्त करना और पदोन्नति के मामलों में एकरूपता सुनिश्चित करना है।
– निर्धारित समय में योग्यता हासिल नहीं करने पर बढ़ सकती है परिवीक्षा अवधि
आदेश के बिंदु क्रमांक तीन में परिवीक्षा अवधि को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है। यदि कोई कर्मचारी दो वर्ष की निर्धारित परिवीक्षा अवधि में आवश्यक योग्यता हासिल नहीं कर पाता है, तो उसकी परिवीक्षा अवधि अधिकतम तीन वर्ष तक और बढ़ाई जा सकती है। इस प्रकार कुल परिवीक्षा अवधि पांच वर्ष से अधिक नहीं होगी।
वहीं, यदि कर्मचारी पांच वर्ष की कुल परिवीक्षा अवधि में भी निर्धारित योग्यता प्राप्त करने में असफल रहता है, तो उसे अनिवार्य रूप से उसके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर प्रत्यावर्तित कर दिया जाएगा। इस प्रावधान से स्पष्ट है कि पदोन्नति के अवसर के साथ कर्मचारियों पर निर्धारित योग्यता हासिल करने की जिम्मेदारी भी बनी रहेगी।
– सीधी भर्ती और अन्य नियुक्तियों पर लागू नहीं होगी यह छूट
सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश के बिंदु क्रमांक छह में यह भी स्पष्ट किया है कि CPCT स्कोर कार्ड से संबंधित छूट केवल विभागीय पदोन्नति के मामलों में लागू होगी। सीधी भर्ती अथवा अन्य माध्यमों से होने वाली नियुक्तियों पर इस छूट का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
ऐसे मामलों में संबंधित पद के लिए निर्धारित CPCT और कंप्यूटर डिप्लोमा की अर्हताएं पहले की तरह अनिवार्य रहेंगी। यानी विभागीय पदोन्नति और सीधी भर्ती के नियमों को अलग-अलग रखते हुए पात्रता की शर्तों का पालन करना होगा।
– सभी विभागों के लिए जारी किए गए समेकित निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग ने अपने आदेश में पूर्व में जारी छह परिपत्रों का संदर्भ देते हुए कहा है कि चतुर्थ श्रेणी से सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया में उत्पन्न कठिनाइयों को दूर करने और नियमों की स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
इस आदेश के बाद संबंधित विभागों को पदोन्नति के प्रकरणों में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, आयु, कंप्यूटर दक्षता और परिवीक्षा अवधि से जुड़े प्रावधानों को ध्यान में रखकर कार्रवाई करनी होगी।
कुल मिलाकर, सामान्य प्रशासन विभाग के नए निर्देश चतुर्थ श्रेणी के उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के पात्र हैं। विशेष रूप से पदोन्नति की तिथि पर 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को CPCT स्कोर कार्ड की अनिवार्यता से राहत मिलेगी, लेकिन कंप्यूटर दक्षता और अन्य निर्धारित शर्तों का पालन आवश्यक रहेगा।
