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आकांक्षी विकासखंडों के 38 संकेतकों की समीक्षा, शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर जोर

एडीटर: Chetram Rajpoot October 14, 2026

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– बजाग, करंजिया और मेहंदवानी में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रगति पर मंथन, कम उपलब्धि वाले संकेतकों में सुधार के निर्देश

डिंडौरी न्यूज । जिले के आकांक्षी विकासखंडों में विकास कार्यों की गति बढ़ाने और निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी एवं क्षमता विकास आयोग, नई दिल्ली की निदेशक श्रीमती अंकिता सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बजाग, करंजिया और मेहंदवानी विकासखंडों के 38 प्रमुख संकेतकों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को कम प्रगति वाले संकेतकों पर विशेष ध्यान देते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, कृषि, पशुपालन एवं डेयरी, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामीण विकास, बैंकिंग, ग्रामीण आजीविका मिशन और बीएसएनएल सहित विभिन्न विभागों से संबंधित योजनाओं एवं विकास संकेतकों की स्थिति की समीक्षा की गई। केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी ने विभागीय समन्वय, जनभागीदारी और नियमित निगरानी को प्रभावी बनाते हुए योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने तथा विकासखंडों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

– बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर

श्रीमती अंकिता सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया कि छह माह से छह वर्ष तक के सभी पात्र बच्चों को नियमित रूप से पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों का शत-प्रतिशत मापन सुनिश्चित करने के साथ ही केंद्रों में कार्यशील शौचालय और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने तथा पात्र बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश भी दिए।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा के दौरान गोवंशीय पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से सुरक्षित रखने के लिए शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायत, लोक स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए गए।

– कम प्रगति वाले संकेतकों में सुधार के निर्देश

बैठक में कम प्रगति वाले संकेतकों में सुधार के लिए किए जा रहे नवाचारों की सराहना की गई। पिछली तिमाही की तुलना में विभिन्न संकेतकों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रयास तेज करने को कहा गया। एनक्यूएएस, चिकित्सकों की पदस्थापना और रिवॉल्विंग फंड सहित अन्य संकेतकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिए गए।

केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी ने महिला एवं बाल विकास विभाग को पूरक पोषण आहार की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा शेष संकेतकों की संतृप्ति के लिए विशेष कार्ययोजना के साथ प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रगति की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों को हासिल करने की अपेक्षा की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिव्यांशु चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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