– 11 जिलों के कलेक्टर बदले, अरुण कुमार विश्वकर्मा जबलपुर, हर्ष सिंह पन्ना और कुमार सत्यम हरदा के नए कलेक्टर नियुक्त
भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल करते हुए 23 आईएएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 13 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के तहत विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया गया है। तबादला सूची में कई जिलों के कलेक्टर भी शामिल हैं। रायसेन के कलेक्टर रहे अरुण कुमार विश्वकर्मा को जबलपुर, बुरहानपुर के कलेक्टर हर्ष सिंह को पन्ना तथा बालाघाट के कलेक्टर कुमार सत्यम को हरदा जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जारी आदेश के अनुसार, वर्ष 2014 बैच के आईएएस अधिकारी अरुण कुमार विश्वकर्मा को रायसेन कलेक्टर के पद से स्थानांतरित कर जबलपुर का कलेक्टर बनाया गया है। वहीं, वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हर्ष सिंह, जो बुरहानपुर कलेक्टर के रूप में पदस्थ थे, अब पन्ना जिले की कमान संभालेंगे। बालाघाट कलेक्टर कुमार सत्यम को हरदा जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल में वरिष्ठ अधिकारियों के विभागीय दायित्वों में भी बदलाव किया गया है। आदेश में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यभार में परिवर्तन के साथ विभिन्न जिलों में नई पदस्थापनाएं की गई हैं।
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– वरिष्ठ अधिकारियों के प्रभार में भी बदलाव
आदेश के मुताबिक, श्रीमती रश्मि अरुण शमी को अपर मुख्य सचिव स्तर पर विभिन्न विभागों के दायित्वों के साथ माध्यमिक शिक्षा मंडल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सुखबीर सिंह को लोक निर्माण विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। जॉन किंग्सली पी. आर. को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा, राघवेंद्र सिंह को कृषि विपणन बोर्ड, मंडी में प्रबंध संचालक के पद से अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन बनाया गया है। संदीप केरकेट्टा को इंदौर विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।
– कई जिलों में नई प्रशासनिक जिम्मेदारियां
तबादला आदेश में पन्ना, मऊगंज, नर्मदापुरम, जबलपुर, भिंड, रायसेन, बुरहानपुर, शाजापुर, हरदा, बालाघाट और सिंगरौली सहित विभिन्न जिलों में पदस्थ अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव दर्ज है। नई पदस्थापनाओं के जरिए जिला प्रशासन और विभागीय कामकाज में नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
राज्य शासन द्वारा जारी यह आदेश प्रशासनिक पुनर्गठन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई पदस्थापना के बाद संबंधित अधिकारियों को अपने नवीन दायित्वों के अनुसार कार्यभार ग्रहण करना होगा।
