– अमरपुर, बजाग, डिंडौरी, करंजिया, मेहंदवानी, शहपुरा और समनापुर को मिली राशि; लंबित मजदूरी-सामग्री देयकों के भुगतान के लिए शासन ने जारी किए निर्देश
डिंडौरी न्यूज | डिंडौरी। वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत डिंडौरी जिले की सात जनपद पंचायतों को मजदूरी एवं सामग्री मद के लंबित देयकों के भुगतान के लिए करोड़ों रुपये की राशि आवंटित की गई है। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल द्वारा 10 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र के अनुसार, प्रदेश में योजना के अंतर्गत सामग्री मद के देयकों के भुगतान के लिए कुल 2 अरब 42 करोड़ 77 लाख 26 हजार रुपये (242.77 करोड़ रुपये) के बजट आवंटन की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस आवंटन के तहत डिंडौरी जिले की सात जनपद पंचायतों को कुल ₹19,76,66,000 (19 करोड़ 76 लाख 66 हजार रुपये) आवंटित किए गए हैं।रुपये आवंटित किए गए हैं।
जारी पत्र में भुगतान की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के एक वित्तीय वर्ष में लंबित देयकों का सर्वप्रथम भुगतान किया जाना है। इसके बाद शेष देयकों का भुगतान एफआईएफओ (FIFO) प्रणाली के आधार पर किया जाएगा। साथ ही, जिला स्तर पर मजदूरी और सामग्री के भुगतान का अनुपात 60:40 बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सात जनपद पंचायतों को मिला करोड़ों का आवंटन
वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत जारी राशि के अनुसार, डिंडौरी जिले की सात जनपद पंचायतों को निम्नानुसार आवंटन किया गया है।
1. जनपद पंचायत अमरपुर: 1 करोड़ 30 लाख 41 हजार रुपये।
2. जनपद पंचायत बजाग: 1 करोड़ 45 लाख 32 हजार रुपये।
3. जनपद पंचायत डिंडौरी: 4 करोड़ 34 लाख 31 हजार रुपये।
4. जनपद पंचायत करंजिया: 39 लाख 86 हजार रुपये।
5. जनपद पंचायत मेहंदवानी: 4 करोड़ 49 लाख 39 हजार रुपये।
6. जनपद पंचायत शहपुरा: 4 करोड़ 40 लाख 18 हजार रुपये।
7. जनपद पंचायत समनापुर: 1 करोड़ 23 लाख 61 हजार रुपये।
इस आवंटन में मेहंदवानी जनपद पंचायत को सर्वाधिक 4 करोड़ 49 लाख 39 हजार रुपये मिले हैं। इसके बाद शहपुरा को 4 करोड़ 40 लाख 18 हजार रुपये तथा डिंडौरी जनपद पंचायत को 4 करोड़ 34 लाख 31 हजार रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, करंजिया जनपद पंचायत को 39 लाख 86 हजार रुपये की राशि मिली है।
– लंबित देयकों के भुगतान में प्राथमिकता के निर्देश
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्त मयंक अग्रवाल द्वारा जारी पत्र में भुगतान व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के एक वित्तीय वर्ष में लंबित देयकों का भुगतान पहले किया जाए। शेष देयकों के भुगतान में एफआईएफओ (फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट) प्रणाली का पालन सुनिश्चित किया जाए। इस व्यवस्था के तहत पहले प्राप्त हुए पात्र देयकों का भुगतान पहले करने का प्रावधान है।
इसके अतिरिक्त, जिला स्तर पर मजदूरी और सामग्री के भुगतान का निर्धारित 60:40 अनुपात बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। परिषद ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। निर्देशों की अनदेखी किए जाने की स्थिति में संबंधित भुगतानकर्ता अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
– भुगतान प्रक्रिया पर रहेगी नजर
योजना के तहत राशि आवंटित होने के बाद अब संबंधित जनपद पंचायतों में लंबित देयकों के भुगतान की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। आवंटन का उद्देश्य योजना के अंतर्गत सामग्री मद के बकाया भुगतान को आगे बढ़ाना है। ऐसे में निर्धारित प्राथमिकता, भुगतान क्रम और मजदूरी-सामग्री के अनुपात का पालन करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।
कुल मिलाकर, वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत डिंडौरी जिले की सात जनपद पंचायतों को 19.76 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का आवंटन ग्रामीण विकास कार्यों से जुड़े लंबित सामग्री देयकों के भुगतान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब यह देखना होगा कि संबंधित जनपद पंचायतों में शासन के निर्देशों के अनुरूप भुगतान की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।
