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खबर का असर: 15वें वित्त के भुगतानों पर दूधी मझौली सचिव को नोटिस, तीन दिन में मांगा पूरा हिसाब

एडीटर: Chetram Rajpoot October 8, 2026

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– कार्ययोजना और वर्क आईडी के बिना भुगतान के आरोपों पर जनपद सीईओ ने मांगा तीन दिन में जवाब, अभिलेख नहीं देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी

डिंडौरी न्यूज। ग्राम पंचायत दूधी मझौली में 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग को लेकर प्रकाशित खबर का असर सामने आया है। मध्यभूमि के बोल वेबसाइट द्वारा 26 सितंबर 2026 को प्रकाशित समाचार को संज्ञान में लेते हुए जनपद पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्राम पंचायत दूधी मझौली के सचिव कमल सिंह धुर्वे को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। नोटिस में पंचायत में 15वें वित्त की राशि से कराए गए कार्यों, भुगतान और संबंधित अभिलेखों को लेकर तीन दिवस के भीतर स्पष्ट जवाब मांगा गया है।

जनपद पंचायत कार्यालय से 05 अक्टूबर 2026 को जारी कारण बताओ सूचना पत्र क्रमांक 1082 में उल्लेख किया गया है कि 26 सितंबर को प्रकाशित खबर में ग्राम पंचायत दूधी मझौली में कार्ययोजना की परवाह किए बिना तथा वर्क आईडी की जरूरत का पालन किए बिना 15वें वित्त की राशि के उपयोग से संबंधित तथ्य प्रकाशित हुए थे। खबर में वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक के जीपीडीपी दस्तावेजों में दर्ज विभिन्न भुगतानों का भी उल्लेख किया गया था।

– सीईओ ने मांगी वर्षवार पूरी जानकारी

मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में सचिव से तीन दिवस के अंदर वित्तीय वर्षवार जीपीडीपी की प्रति उपलब्ध कराने के साथ-साथ कराए गए कार्यों की सूची भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

– नोटिस में विशेष रूप से यह जानकारी मांगी गई है कि—

– वित्तीय वर्षवार जीपीडीपी में कौन-कौन से कार्य शामिल थे।..?

– किन कार्यों को वास्तव में कराया गया। कराए गए कार्यों के लिए कौन-सी वर्क आईडी जारी हुई।

– किए गए भुगतानों की वर्क आईडी क्या है।

– संबंधित भुगतान किस मद से किए गए।

– प्रत्येक भुगतान किस कार्य अथवा मद के अंतर्गत किया गया।

इससे स्पष्ट है कि अब पंचायत में किए गए संबंधित भुगतानों और कार्यों की प्रक्रिया को अभिलेखों के आधार पर स्पष्ट करने की जिम्मेदारी पंचायत सचिव पर है।

– ‘अन्य व्यय’ समेत कई भुगतानों पर उठे थे सवाल

मध्यभूमि के बोल की पूर्व प्रकाशित खबर में उपलब्ध भुगतान विवरण के आधार पर पंचायत में 51,400, 16,158, 500, 4,500, 18,500, 52,510, 36,348, 32,400, 12,000, 22,000, 34,102, 31,000, 89,772, 89,400, 43,880, 26,500, 42,900, 89,500, 41,700, 16,960, 38,495, 83,000, 56,100, 40,600, 7,600, 2,400, 22,500, 12,750, 40,750, 68,258, 20,505, 34,339 और 40,500 रुपये सहित अनेक भुगतानों का उल्लेख किया गया था।

इन भुगतानों की वास्तविक प्रकृति, स्वीकृत कार्ययोजना में उनका समावेश, संबंधित वर्क आईडी, तकनीकी स्वीकृति, माप पुस्तिका, बिल-वाउचर तथा कार्यस्थल पर कार्य की वास्तविक स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए थे।

– सीसी सड़क के भुगतान पर भी उठे थे सवाल

खबर में वित्तीय वर्ष 2022-23 में मदन के घर से जहांगीर के घर तक सीसी सड़क निर्माण के लिए लगभग 5.88 लाख रुपये की स्वीकृति तथा इसके विरुद्ध सप्लायर आरके ट्रेडर्स के बिल के आधार पर करीब 5.41 लाख रुपये के भुगतान का उल्लेख किया गया था।

इस भुगतान में मजदूरी और निर्माण संबंधी अभिलेखों की स्थिति को लेकर भी सवाल सामने आए थे। हालांकि संबंधित कार्य वास्तव में कराया गया या नहीं तथा भुगतान नियमों के अनुरूप था अथवा नहीं, इसकी वास्तविक स्थिति मूल अभिलेखों और स्थल सत्यापन से ही स्पष्ट हो सकती है।

– तीन दिन में जवाब नहीं तो कार्रवाई की चेतावनी

कारण बताओ सूचना पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो इसे गंभीरता से लेते हुए पंचायत सेवा सचिव भर्ती नियम 2011 के उल्लंघन के रूप में माना जाकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसी स्थिति में संबंधित सचिव स्वयं जिम्मेदार होंगे।

– अब अभिलेखों से खुलेगा भुगतान का पूरा हिसाब

कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद दूधी मझौली पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि से हुए भुगतान और कार्यों को लेकर मामला अब दस्तावेजी जांच की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। यदि सचिव द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले अभिलेखों में जीपीडीपी, वर्क आईडी, तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति, माप पुस्तिका, बिल-वाउचर और वास्तविक कार्य के बीच अंतर सामने आता है, तो संबंधित भुगतान और जिम्मेदारी पर आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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