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बलिदान दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, शंकर शाह-रघुनाथ शाह की प्रतिमाओं पर बरसे श्रद्धा के फूल

एडीटर: Chetram Rajpoot September 21, 2026

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– नरिया के डिपो तिराहा में उमड़ा जनसैलाब, पुष्पांजलि अर्पित कर अमर बलिदान को किया नमन

डिंडौरी न्यूज । गोंडवाना राजवंश के वीर शासक एवं 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानी राजा शंकर शाह तथा उनके वीर पुत्र कुँवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत नरिया स्थित डिपो तिराहा में उनकी भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया गया। प्रतिमा अनावरण के अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान वीर सपूतों के जयघोष और उनके बलिदान की स्मृतियों से वातावरण भावपूर्ण बना रहा।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने राजा शंकर शाह और कुँवर रघुनाथ शाह की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने दोनों वीरों के संघर्ष, शौर्य और देश की स्वतंत्रता के लिए दिए गए अमूल्य बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा है।

– अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बुलंद की थी आवाज

वक्ताओं ने कहा कि राजा शंकर शाह और उनके पुत्र कुँवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने क्षेत्र की जनता को संगठित करने और अंग्रेजी शासन के खिलाफ स्वतंत्रता की भावना को मजबूत करने का कार्य किया। दोनों वीरों ने मातृभूमि की स्वतंत्रता और सम्मान के लिए अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटे।

इतिहास के अनुसार, अंग्रेजी शासन के विरुद्ध विद्रोह की गतिविधियों के चलते राजा शंकर शाह और कुँवर रघुनाथ शाह को 18 सितंबर 1857 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जबलपुर में अंग्रेजी हुकूमत ने दोनों वीरों को तोप के मुंह से बांधकर अमानवीय तरीके से शहीद कर दिया। उनका यह बलिदान आज भी स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास में वीरता और त्याग के प्रतीक के रूप में स्मरण किया जाता है।

– प्रतिमा स्थापना को बताया ऐतिहासिक स्मृति का महत्वपूर्ण कदम

नरिया के डिपो तिराहा में दोनों वीरों की प्रतिमाओं की स्थापना को क्षेत्रवासियों ने गौरव और ऐतिहासिक स्मृति से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया। उपस्थित लोगों ने कहा कि सार्वजनिक स्थल पर स्थापित ये प्रतिमाएं नई पीढ़ी को राजा शंकर शाह और कुँवर रघुनाथ शाह के संघर्ष एवं बलिदान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे अमर नायकों की गाथा को केवल स्मृति दिवस तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उनके संघर्ष और विचारों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उपस्थित लोगों ने वीर सपूतों के आदर्शों को आत्मसात करने तथा उनके इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया।

– बड़ी संख्या में शामिल हुए जनप्रतिनिधि और नागरिक

बलिदान दिवस के अवसर पर शाहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, अमान सिंह पोर्ते, राकेश सिंह परस्ते, मूलचंद मरावी, डिगम्बर सिंह पटटा, नागेंद्र सिंह धुर्वे, महेंद्र परस्ते, राजेश कुशराम, धनेश परस्ते, पंचम टेकाम, हितेंद्र परस्ते एवं नारायण सिंह धुर्वे सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्यजन मौजूद रहे।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित लोगों ने राजा शंकर शाह और कुँवर रघुनाथ शाह की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अमर बलिदान को नमन किया। वीर सपूतों के शौर्य और त्याग को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को समाज और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

 

 

 

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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