डिंडौरी न्यूज। रचनात्मक कांग्रेस के पहले राष्ट्रीय अधिवेशन में डिंडौरी जिले ने अपनी प्रभावी और उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराते हुए जिले के ज्वलंत सामाजिक एवं क्षेत्रीय मुद्दों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। नई दिल्ली में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में डिंडौरी से सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
अंचल में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता एवं जन संघर्ष मोर्चा महाकौशल के संयोजक विवेक पवार के नेतृत्व में डिंडौरी जिले से जय युवा आदिवासी संगठन (जयस) के इन्द्रपाल मरकाम, ओबीसी महासभा के अनिल पनरिया, जन संघर्ष मोर्चा से महेंद्र परस्ते, पीतांबर, कामुसिंह, शिवलाल, सुकृत मरावी, सरपंच संघ अध्यक्ष फूलसिंह मरकाम तथा मजदूर संघ के देवेंद्र सोनवानी ने सम्मेलन में भाग लिया।
– राहुल गांधी का किया आत्मीय स्वागत
रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन कांस्टीट्यूशनल क्लब, नई दिल्ली में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में डिंडौरी जिले के प्रतिनिधियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। जय युवा आदिवासी संगठन के इन्द्रपाल मरकाम ने राहुल गांधी को वीरन माला एवं पगड़ी भेंट की, जबकि ओबीसी महासभा के जिला अध्यक्ष एवं पनिका समाज से जुड़े अनिल पनरिया ने उन्हें गमछा भेंट कर सम्मानित किया।

इस दौरान डिंडौरी के प्रतिनिधियों ने जिले और महाकौशल अंचल की जमीनी परिस्थितियों से राहुल गांधी को अवगत कराया। प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से विस्थापन, पलायन, बेरोजगारी सहित क्षेत्र से जुड़े अन्य सामाजिक एवं जनहित के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की आवश्यकता पर चर्चा की।
– डिंडौरी आने का दिया न्यौता
प्रतिनिधियों ने राहुल गांधी को डिंडौरी जिले की जमीनी स्थिति को स्वयं देखने और स्थानीय लोगों से सीधे संवाद करने के लिए डिंडौरी आने का न्यौता भी दिया। प्रतिनिधियों का कहना रहा कि आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी सहित महाकौशल क्षेत्र में रोजगार, पलायन, विस्थापन और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे लंबे समय से महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। ऐसे में इन मुद्दों की राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी आवाज उठाना आवश्यक है।
राष्ट्रीय सम्मेलन में डिंडौरी के प्रतिनिधियों की सहभागिता को जिले के सामाजिक सरोकारों और स्थानीय समस्याओं को व्यापक मंच तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रतिनिधियों ने कहा कि स्थानीय संघर्ष और जनसमस्याओं को राष्ट्रीय विमर्श से जोड़कर ही क्षेत्र के लोगों की आवाज को मजबूती दी जा सकती है।
रचनात्मक कांग्रेस के इस राष्ट्रीय आयोजन में डिंडौरी की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि जिले के सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठन स्थानीय मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाने के लिए लगातार सक्रिय हैं।







