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एक मौत का सदमा या कुछ और? 24 घंटे में दो नाबालिगों की आत्महत्या से उठे कई सवाल, पुलिस जांच में जुटी

akvlive.in

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डिंडौरी न्यूज । जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के आमगांव में 24 घंटे के भीतर दो नाबालिगों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से पूरे गांव में शोक और सनसनी का माहौल है। दोनों मृतक आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। पहले 15 वर्षीय छात्र ने खेत में फांसी लगाकर जान दे दी, जिसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के कुछ घंटे बाद एक नाबालिग बालिका ने भी अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लगातार हुई इन दो घटनाओं ने ग्रामीणों और परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

– 9 वीं का छात्र था, रात में खाना भी नहीं खाया

पुलिस के अनुसार मृतक 15 वर्षीय किशोर गांव का निवासी था और कक्षा 9वीं में अध्ययनरत था। वह पिछले तीन दिनों से दस्तावेज तैयार कराने के लिए अमरपुर जा रहा था। 11 जुलाई की रात उसकी मां ने उसे भोजन के लिए बुलाया, लेकिन उसने खाना नहीं खाया। अगले दिन सुबह करीब पांच बजे जब मां उसे जगाने पहुंची तो वह फांसी के फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शाम को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

– अंतिम संस्कार से लौटने के बाद नाबालिग बालिका ने भी दी जान

पुलिस ने बताया कि दूसरी घटना उसी दिन शाम को सामने आई। नाबालिग बालिका मृतक किशोर के अंतिम संस्कार में शामिल होने उसके घर गई थी। परिजनों के अनुसार वह वहां लगातार रो रही थी। शाम करीब चार बजे वह अपने घर लौटी। करीब पांच बजे जब परिवार के लोग घर पहुंचे तो वह भी फांसी के फंदे पर लटकी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। समाचार लिखे जाने तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी थी।

– दोनों परिवार रिश्तेदार, हर पहलू से जांच

पुलिस का कहना है कि दोनों मृतकों के परिवार आपस में रिश्तेदार हैं। प्रारंभिक जांच में दूसरी नाबालिग के सदमे में होने की बात सामने आई है, हालांकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर लिया है और पारिवारिक, सामाजिक तथा अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गंभीरता से जांच की जा रही है।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

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