डिंडौरी न्यूज । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार से जिले में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों के आंदोलन से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हड़ताल के पहले कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) तथा कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया था, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकलने पर कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया।
जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश उरैती के नेतृत्व में जिलेभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए हैं। आंदोलन के दौरान कर्मचारियों ने शासन की कथित दमनकारी एवं शोषणकारी नीतियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने “अप्रेजल प्रथा बंद करो”, “शोषण नहीं सम्मान चाहिए” और “अप्रेजल शोषण बंद करो, हमारी मांगें पूरी करो” जैसे नारों के साथ विरोध जताया। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रतीकात्मक रूप से अप्रेजल आदेश की होलिका दहन कर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
संविदा कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से वे स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनकर कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं और सुरक्षा नहीं मिल रही है। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, वेतन विसंगति का निराकरण, राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) का लाभ, महंगाई भत्ता (डीए), समान कार्य के लिए समान वेतन, नौकरी की सुरक्षा तथा अन्य सेवा सुविधाओं की मांग को प्रमुखता से उठाया है।
– स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है व्यापक असर
हड़ताल का सीधा प्रभाव राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर पड़ने की संभावना है। जिले में टीकाकरण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में दी जाने वाली प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में गर्मी और मौसम परिवर्तन के कारण डायरिया, उल्टी-दस्त, लू और अन्य मौसमी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों को समय पर उपचार और स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
– मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
आंदोलनरत कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार ज्ञापन और वार्ता के माध्यम से शासन का ध्यान समस्याओं की ओर आकर्षित किया गया, लेकिन समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हुई।
हड़ताल में जिला उपाध्यक्ष जफर खान, पूर्व जिला अध्यक्ष दलवीर साह बहादुर, जिला मीडिया प्रभारी कमल ठाकुर, सह मीडिया प्रभारी गिरीश डेहरिया, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष अंजना धुर्वे, महिला प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष रूपा नामदेव, वरिष्ठ मार्गदर्शक सुशील नामदेव सहित उपेंद्र पारासर, आनंद मोहरे, अंकित चौरसिया, विजय, अनिल साहू, विशाल, विवेक नामदेव, डॉ. अंकित अलावे, विक्की जमरा, अनिल पट्टा, कोमल मरावी, सत्यम श्रीवास और बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।
आंदोलन के दौरान कर्मचारियों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार आवाज बुलंद की और शासन से शीघ्र समाधान की मांग की।









