– पत्रकार वार्ता में केंद्र और राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, नागपुर के इशारे पर ले रहे फैसला
डिंडौरी/भोपाल। ओबीसी महासभा के संस्थापक सदस्य एवं राष्ट्रीय महासचिव डॉ. बृजेंद्र सिंह यादव ने जिला मुख्यालय स्थित दीदी कैफे में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार पर ओबीसी आरक्षण को लेकर लापरवाही बरतने और सरकार व व्यवस्था में ओबीसी समाज की लगातार उपेक्षा करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी होने के बावजूद ओबीसी वर्ग आज भी शिक्षा, रोजगार और नीति-निर्माण की मुख्यधारा से दूर है, जो सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
प्रेसवार्ता में डॉ. यादव ने 13 सूत्रीय मांग पत्र जारी करते हुए इनके शीघ्र निराकरण की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने इन मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो ओबीसी समाज को अपने अधिकारों के लिए और अधिक संगठित संघर्ष करना पड़ेगा।

ओबीसी महासभा द्वारा जारी मांग-पत्र में मंडल आयोग एवं महाजन आयोग की अनुशंसाओं को पूर्ण रूप से लागू करने, ओबीसी समाज की जनगणना घोषित करने, तथा संख्या के अनुपात में विधानसभा और लोकसभा में आरक्षण सुनिश्चित करने की प्रमुख मांग शामिल है। इसके साथ ही किसानों की उपज का वर्तमान मूल्य बढ़ाकर तीन गुना किए जाने की भी मांग रखी गई है।
महासभा ने यह भी मांग की है कि विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका एवं निजी क्षेत्रों में ओबीसी को उनकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व दिया जाए। वहीं ओबीसी आरक्षण में लागू क्रीमीलेयर की असंवैधानिक शर्तों को समाप्त करने और केंद्र व राज्य सरकार के विभागों में ओबीसी के रिक्त पदों को तत्काल भरने पर भी जोर दिया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की मांग करते हुए महासभा ने ओबीसी छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति की वार्षिक आय सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने, प्रत्येक तहसील स्तर पर 500 छात्र-छात्राओं के लिए सर्वसुविधायुक्त छात्रावास की व्यवस्था करने तथा एससी/एसटी वर्ग की तर्ज पर न्यूनतम आवेदन शुल्क, रेलवे भत्ता एवं अन्य सुविधाएं देने की मांग की है। इसके साथ ही समान एवं निःशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था लागू करने की भी मांग प्रमुख रूप से रखी गई।

संगठन ने सामाजिक समरसता पर बल देते हुए पिछड़ी जातियों में आपसी मेल-मिलाप, भाईचारा, सामाजिक-आर्थिक एवं राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई। साथ ही समाज में फैले अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ जागरूकता बढ़ाकर वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने की बात कही गई। महासभा ने 13 प्रतिशत होल्ड समाप्त कर 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग भी दोहराई।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. बृजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि यह 13 सूत्रीय मांगें केवल ओबीसी समाज ही नहीं, बल्कि देश में समानता और सामाजिक न्याय की नींव को मजबूत करने वाली हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह इन मांगों पर तत्काल निर्णय लेकर ओबीसी समाज के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त करे। इस दौरान डिंडौरी जिला अध्यक्ष अनिल पनरिया, भगवत यादव, मयंक सोनवानी, सुधीर चौरसिया, भोले मोहारी, शहडोल अध्यक्ष अर्जुन सिंह राठौर, सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे हैं।








