– आवेदक को जानकारी उपलब्ध न कराने पर सूचना आयुक्त श्री ओंकार नाथ ने लगाया जुर्माना
भोपाल/डिंडौरी। डिंडौरी जिले में पदस्थ रहे तत्कालीन सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला सूचना का अधिकार अधिनियम की मजाक बना रखे थे। संतोष शुक्ला सहायक आयुक्त के कार्यकाल में करोड़ों रुपए के घपले घोटालों की चर्चाएं आम थी लेकिन इन्होंने पदस्थ रहने के दौरान कोई एक भी आवेदक को अधिनियम के तहत जानकारी मुहैया नहीं कराई, यहां तक कि आरटीआई के तहत दाखिल आवेदनों का उत्तर तक नहीं दिया, इनके विरुद्ध में सैकड़ों अपील सूचना आयोग में लंबित हैं।
2022 में आवेदक आरके गुप्ता निवासी जबलपुर ने सूचना का अधिकार अधिनियम के बस्ती विकास योजना से संबंधित जानकारी चाही थी, सूचना प्राप्त न होने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील दाखिल किया था।
मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत लापरवाही बरतने पर तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी संतोष शुक्ला पर ₹10,000 (दस हजार रुपये) का अर्थदंड अधिरोपित किया है। आयोग ने यह कार्रवाई प्रकरण क्रमांक A-2319/2023 में की है।
आयोग के आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारी/कर्मचारी को निर्देशित किया गया है कि दंड राशि “सचिव, राज्य सूचना आयोग, भोपाल” के नाम देय बैंक ड्राफ्ट अथवा चालान के माध्यम से शासकीय कोष में निर्धारित मदों में जमा कराई जाए। जमा की गई राशि का प्रमाण (बैंक ड्राफ्ट/चालान की प्रति) के साथ पालन प्रतिवेदन आगामी पेशी से एक सप्ताह पूर्व आयोग कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।

आदेश में यह भी कहा गया है कि लोक प्राधिकारी—आयुक्त, संचालनालय जनजातीय कार्य विभाग, सतपुड़ा भवन, भोपाल—यह सुनिश्चित करेंगे कि उपरोक्त निर्देशों के अनुसार दंड राशि समय-सीमा में जमा हो। यदि राशि समय पर जमा नहीं की जाती है, तो मध्यप्रदेश सूचना का अधिकार (अपील एवं फीस) नियम, 2005 के नियम 8(6)(तीन) के अंतर्गत वेतन से कटौती कर आयोग को चालान/बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से राशि जमा कराई जाएगी तथा सेवा-पुस्तिका में प्रविष्टि करते हुए आयोग को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
प्रकरण में तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी संतोष शुक्ला द्वारा ₹10,000 की शास्ति राशि जमा किए जाने के पालन प्रतिवेदन हेतु 30 जनवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे की तिथि नियत की गई है।







