होम राज्य मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़़ क्राइम न्यूज इंटरनेशनल न्यूज कोर्ट न्यूज राजनीति संसदीय संपादकीय अर्थ जगत हेल्थ शिक्षा खेल विज्ञान

MP News: प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में पंचायत सचिवों के लिए राहतों की बारिश: 62 वर्ष आयु सीमा, विशेष भत्ता और 7वां वेतनमान लागू

akvlive.in

Published

– ग्रामीण विकास में पंचायत सचिवों की भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

– वेतनमान व सेवा शर्तों पर कमेटी करेगी विचार, पंचायत सचिवों के लिए प्रदेश सरकार की बड़ी घोषणाएँ

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत की आत्मा गांव में बसती है और यदि गांव विकसित होंगे तो देश स्वतः गति से आगे बढ़ेगा। पंचायत सचिव ग्रामीण प्रशासन और विकास की धुरी हैं, जो सरकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण विकास में पंचायत सचिवों की इस केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को भेल दशहरा मैदान में आयोजित प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन को संबोधित किया।

सम्मेलन में मुख्यमंत्री के आगमन पर पंचायत सचिवों ने नारों और करतल ध्वनि से उनका स्वागत किया। पंचायत सचिव महासंघ द्वारा मुख्यमंत्री को बड़ी माला पहनाकर एवं पुष्प-गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

– पंचायत सचिव जनकल्याणकारी योजनाओं की धुरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए कहा कि ग्रामों का उत्थान ही राष्ट्र निर्माण का मार्ग है। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिव सरकारी नीतियों, योजनाओं और निर्णयों को धरातल पर क्रियान्वित करने वाले वास्तविक कार्यकर्ता हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना हो, आर्थिक सहायता योजनाएँ हों या अन्य विकास कार्य—इनकी सफल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी पंचायत सचिव निभाते हैं। उन्होंने पंच-परमेश्वर और पंचायत सचिवों के सहयोग से जनकल्याण व विकास के नए मानक स्थापित होने की बात कही।

डॉ. यादव ने कहा—”हम रामराज्य की कल्पना करें तो पंचायत सचिव पंचायती राज व्यवस्था में हनुमान जी की भूमिका निभाते हैं। वे ग्रामीण परिवारों के सदस्य की तरह संपूर्ण जिम्मेदारी उठाते हैं, इसलिए उनकी चिंता करना सरकार का दायित्व है।”

– कृषि कल्याण वर्ष 2026 और ग्रामीण विकास की दृष्टि

सीएम ने जानकारी दी कि प्रदेश सरकार ने 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है, जिसमें कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण और कुटीर उद्योग समेत 16 विभागों को शामिल किया गया है। इस वर्ष ग्रामीण विकास व किसानों की समृद्धि को नई गति देने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे पंचायत हितग्राहियों को बहुमुखी लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि पंचायत सचिवों को डिजिटल संसाधनों से लैस किया जा रहा है और जिला स्तर पर कैडर का भी गठन किया गया है। पंचायतों को संसाधनों व आधुनिक सुविधाओं से सशक्त बनाने के लिए अटल भवनों, सामुदायिक भवनों, प्रशिक्षण और मानदेय वृद्धि जैसे कदम उठाए गए हैं। सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के कार्य करने का अधिकार भी दिया गया है।

– पंचायत सचिवों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएँ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंचायत सचिवों से जुड़े कई निर्णयों की घोषणा की, जिनमें प्रमुख हैं—

– सेवाकाल की अधिकतम आयु सीमा 62 वर्ष

– 7वें वेतनमान के आदेश जारी

– विशेष भत्ते की सुविधा,

– सेवा में मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति के बाद डेढ़ लाख की सहायता राशि वापस नहीं ली जाएगी,

– वेतनमान व अन्य सेवा शर्तों पर विचार हेतु कमेटी गठित होगी

सीएम ने कहा कि पंचायत सचिवों को सम्मान, प्रशिक्षण, उपकरण और तकनीक के माध्यम से सक्षम बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

“पंचायत सचिव का दायित्व नौकरी नहीं, जन-सेवा” : मंत्री प्रहलाद पटेल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि ग्राम सभा से लेकर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तक हर प्रक्रिया में पंचायत सचिव केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा—”पंचायत सचिव का दायित्व केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का पवित्र अवसर है।” मंत्री पटेल ने बताया कि पंचायत सचिवों को आयुष्मान योजना में शामिल किया गया है,1300 रुपए भत्ता प्रारंभ किया जाएगा उन्होंने आश्वस्त किया कि पंचायत सचिवों के हित में और भी कदम चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

संबंधित ख़बरें