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Dindori News: राघवपुर बहुद्देशीय बांध के विरोध में 48 ग्राम सभाओं ने सर्वसम्मति से पारित किया निरस्तीकरण प्रस्ताव, चक्काजाम की चेतावनी

akvlive.in

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– प्रभावित किसानों ने राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजा पत्र

डिंडौरी न्यूज। शहपुरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रस्तावित राघवपुर बहुद्देशीय परियोजना बांध को लेकर क्षेत्र में विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। परियोजना से प्रभावित 48 गांवों के किसानों और ग्रामवासियों ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है, कि वे किसी भी कीमत पर इस बांध को स्वीकार नहीं करेंगे। ग्राम सभाओं में सर्वसम्मति से बांध निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने की प्रक्रिया से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

प्रभावित ग्रामों के किसानों ने इस संबंध में कलेक्टर डिंडौरी को विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया है कि पेसा एक्ट और पांचवीं अनुसूची के संवैधानिक प्रावधानों का खुला उल्लंघन कर ठेकेदार एजेंसी द्वारा बांध निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

– ग्राम सभा की सहमति के बिना निर्माण का आरोप

ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि दिनांक 05 मई 2023 को ग्राम पंचायत ककलगी टोला, विकासखंड मेहंदवानी में नायब तहसीलदार, पंचायत प्रतिनिधियों एवं 48 ग्रामों के किसानों की उपस्थिति में आयोजित विशेष ग्राम सभा में राघोपुर बांध को निरस्त करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था, जिसकी सूचना जिला प्रशासन एवं नर्मदा घाटी प्राधिकरण को दी गई थी। इसके बावजूद ठेकेदार एजेंसी द्वारा बिना ग्राम सभा की सहमति के निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया।

– पांचवीं अनुसूची और पेसा एक्ट का उल्लंघन

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि डिंडौरी जिला पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है, जहां पेसा एक्ट के अंतर्गत ग्राम सभाओं को सर्वोच्च अधिकार प्राप्त हैं। संविधान की धारा 13(3), 244(1)(2) और 19(5)(6) के अनुसार आदिवासी परंपराओं, स्वशासन और संसाधनों पर निर्णय का अधिकार ग्राम सभा को है। ऐसे क्षेत्र में बाहरी एजेंसियों द्वारा ग्राम सभा की अवहेलना करना पूरी तरह असंवैधानिक है। ग्रामीणों ने

प्रशासन पर दबाव बनाकर प्रस्ताव मांगने का आरोप लगाया है, यह भी आरोप लगाया कि दिनांक 16 मई 2023 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा आकस्मिक ग्राम सभा आयोजित कर बांध निर्माण के समर्थन में प्रस्ताव मांगने का दबाव बनाया गया, जिसका ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया। इसे पांचवीं अनुसूची का सीधा उल्लंघन बताया गया।

– 07 जनवरी 2026 की विशेष ग्राम सभा में फिर हुआ विरोध

07 जनवरी को ग्राम घुसियां में आयोजित विशेष ग्राम सभा में, नर्मदा घाटी प्राधिकरण के अधिकारियों, नायब तहसीलदार एवं बड़ी संख्या में प्रभावित किसान, महिलाएं व पुरुष उपस्थित रहे। इस बैठक में एक बार फिर राघवपुर बहुद्देशीय बांध को निरस्त करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिस पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर भी हुए।

ग्रामीणों का कहना है कि 08 जनवरी 2026 को निर्माण कार्य रोकने के लिए इफकोंस हिंदुस्तान जेव्ही कंपनी को नोटिस जारी करने की बात कही गई, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है, जिसे किसानों ने धोखा करार दिया है।

– सात दिन का अल्टीमेटम, नहीं रुका काम तो चक्का जाम

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सात दिनों के भीतर बांध निर्माण कार्य पूरी तरह नहीं रोका गया, तो प्रभावित किसान उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि परियोजना जबरन लागू की जाती है, तो प्रशासन को प्रभावित गांवों के लिए शमशान घाट की भूमि चिन्हित करने की तैयारी करनी चाहिए।

– कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि राघवपुर बहुद्देशीय परियोजना को तत्काल निरस्त करने का आधिकारिक आदेश जारी किया जाए, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाए।

गौरतलब हैं कि जिला प्रशासन ग्रामीणों की चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है और ग्रामीणों की मांग का क्या समाधान होता हैं।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..