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MP News: वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, रेड सेंड बोआ की अवैध तस्करी का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

akvlive.in

Published

भोपाल। वन्यप्राणियों की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग की टीम को बड़ी सफलता मिली है। रेड सेंड बोआ (Red Sand Boa) जैसे संरक्षित वन्यप्राणी की अवैध खरीद–फरोख्त में संलिप्त आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ते हुए वन विभाग ने तस्करी के एक संगठित प्रयास का भंडाफोड़ किया है।

यह कार्रवाई एम.आर. बघेल, मुख्य वन संरक्षक, वन वृत्त उज्जैन एवं श्री संजय रायखेरे, वन मंडलाधिकारी मंदसौर के कुशल मार्गदर्शन में की गई। साथ ही श्रीमती सरोज सिंह, प्रभारी उप वनमंडलाधिकारी गरोठ तथा श्री पी.एल. रायकवार, वन परिक्षेत्राधिकारी मंदसौर के निर्देशन में वन मंडलाधिकारी मंदसौर द्वारा गठित विशेष दल ने इस पूरे अभियान को अंजाम दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मुखबिर से प्राप्त सटीक सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने हवाई पट्टी भालोट रोड, मंदसौर के पास खेत क्षेत्र में घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास मौजूद थैले से एक जीवित रेड सेंड बोआ सांप (वैज्ञानिक नाम Eryx johnii) बरामद किया गया। मौके से एक आरोपी वरसिंह फरार हो गया, जबकि एक प्लैटिना मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।

वन्यप्राणी की अवैध तस्करी करते हुए पकड़े गए आरोपियों में श्री बद्रीलाल पिता शंकरलाल, निवासी जेठाना, तहसील पिपलौदा, जिला रतलाम एवं श्री नवीन पिता कोमलचंद्र जैन, निवासी खानपुरा, जिला मंदसौर शामिल हैं। पूछताछ एवं निशानदेही के आधार पर प्रकरण में संलिप्त एक अन्य आरोपी कौसर बेग पिता हमीद बेग, निवासी रिसाला मस्जिद, नीमच को नीमच से गिरफ्तार कर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया।

जब्त किए गए रेड सेंड बोआ को न्यायालय की अनुमति प्राप्त होने के उपरांत उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। प्रकरण में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, मंदसौर द्वारा तीनों आरोपियों को 20 जनवरी तक न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है और फरार आरोपी की तलाश भी की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि रेड सेंड बोआ (Eryx johnii) वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की प्रथम अनुसूची, भाग–C के अंतर्गत संरक्षित वन्यप्राणी है। इसकी अवैध तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर दोषियों को 3 से 7 वर्ष तक का कठोर कारावास एवं न्यूनतम 25 हजार रुपये के अर्थदंड का प्रावधान है।

इस सफल कार्रवाई में श्री सोनू नागदा (स्टेनो), सतीश वर्मा (कार्यवाहक वनपाल), नरेंद्र मालवीय, जितेंद्र पंवार, दीपक पाटीदार एवं ललित मीणा (वनरक्षक) का सराहनीय योगदान रहा। वन विभाग की इस कार्रवाई से वन्यप्राणियों की अवैध तस्करी में लिप्त तत्वों में हड़कंप मच गया है और यह अभियान आने वाले समय में भी जारी रहेगा।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..