डिंडौरी न्यूज। विगत दिनों अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा के द्वारा प्राथमिक शाला भीमडोंगरी विकासखण्ड शहपुरा का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान श्रीमती सारिता मरावी सहायक शिक्षक संस्था में उपस्थित नहीं मिली। निरीक्षण के दौरान शिक्षक उपस्थिति पंजी के अनुसार तथा उपस्थित ग्रामीणों के कथन अनुसार उक्त शिक्षक पिछले डेढ़ महीने से शाला में अनुपस्थित है।
सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्राथमिक शाला भीमडोंगरी, विकासखंड शहपुरा में पदस्थ सहायक शिक्षक श्रीमती सारिता मरावी को अनधिकृत रूप से लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 09 जनवरी 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा द्वारा प्राथमिक शाला भीमडोंगरी का औचक निरीक्षण किया गया था।
निरीक्षण के दौरान सहायक शिक्षक श्रीमती सारिता मरावी विद्यालय में उपस्थित नहीं पाई गईं। विद्यालय की उपस्थिति पंजी की जांच तथा मौके पर मौजूद कर्मचारियों एवं ग्रामीणों के कथन के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि संबंधित शिक्षिका विगत लगभग डेढ़ माह से बिना किसी पूर्व अनुमति और सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित थीं।
सहायक आयुक्त द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना एवं बिना सूचना दिए शासकीय कर्तव्यों से अनुपस्थित रहना मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 1, 2 एवं 3 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। साथ ही इसे सेवा में व्यवधान मानते हुए शासकीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन बताया गया है।
इन तथ्यों के आधार पर सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य डिंडौरी ने श्रीमती सारिता मरावी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं । निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय शहपुरा निर्धारित किया गया है तथा वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्र होंगी। कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासकीय स्कूलों में बच्चों की शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।








