डिंडौरी न्यूज। 12 जुलाई 2024 को भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष 25 जून को संविधान हत्या दिवस घोषित किए जाने की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद देशभर में पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के विरुद्ध मनगढ़ंत दुष्प्रचार का दौर शुरू हो गया। इस दुष्प्रचार के विरोध में तथा इंदिरा गांधी के कार्यों, विचारों और क्रांतिकारी निर्णयों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सम्यक अभियान के अंतर्गत चार वर्षीय इंदिरा ज्योति अभियान का संचालन किया जा रहा है।
सम्यक अभियान की प्रेरणाश्रोत श्रीमती इंदिरा गांधी हैं, जो आज हमारे बीच न होते हुए भी अपने विचारों, निर्णयों और राष्ट्रहित में लिए गए ऐतिहासिक कदमों के माध्यम से सदैव प्रेरणा देती हैं। जब इंदिरा गांधी के खिलाफ दुष्प्रचार प्रारंभ हुआ, तब चुप रहना उचित नहीं समझते हुए सम्यक अभियान के सूत्रधार, गुरुदेव के नाम से प्रसिद्ध लेखक एवं विचारक भास्कर राव रोकड़े ने दिल्ली, मुंबई, भोपाल, नागपुर, जयपुर और लखनऊ में पत्रकार वार्ताओं के माध्यम से इंदिरा गांधी के योगदान को सामने लाने का कार्य शुरू किया।
उन्होंने बताया कि 19 नवंबर 2024 को ग्वालियर में इंदिरा गांधी की 107वीं जयंती को संकल्प दिवस के रूप में मनाते हुए चार वर्षीय इंदिरा ज्योति अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई। इसके पश्चात इंदिरा गांधी के 108वें जयंती वर्ष को सृजन वर्ष के रूप में मनाया गया, जिसके अंतर्गत वर्षभर में छोटे-बड़े कुल 108 आयोजन किए गए। 108वां एवं समापन समारोह इंदिरा गांधी की 108वीं जयंती के अवसर पर भोपाल में रविंद्र भवन के समीप मुक्ताकाश मंच पर राष्ट्रीय स्तर के समारोह के रूप में आयोजित हुआ, जिसमें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने सहभागिता की। इसी अवसर पर महात्मा गांधी की रामराज्य की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से रामराज्य की ओर अभियान का भी शुभारंभ किया गया।

श्री रोकड़े ने जानकारी दी कि चार वर्षीय इंदिरा ज्योति अभियान मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं राजस्थान में संचालित किया जा रहा है। अभियान के सुचारु संचालन हेतु मध्यप्रदेश को 6 प्रांतों, छत्तीसगढ़ को 3 प्रांतों तथा राजस्थान को 6 प्रांतों में विभाजित किया गया है। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी ने 6 जनवरी 1921 को छिंदवाड़ा के चिटनिस गंज से असहयोग आंदोलन की शुरुआत की थी। उसी ऐतिहासिक स्थल से 6 जनवरी 2026 को सम्यक अभियान द्वारा इंदिरा ज्योति यात्रा का शुभारंभ किया गया।
महाकौशल जोन में यह यात्रा छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर एवं कटनी होते हुए आज डिंडोरी पहुंची है। डिंडोरी के पश्चात यह यात्रा मंडला, बालाघाट और सिवनी पहुंचेगी। प्रत्येक जिला मुख्यालय पर इंदिरा ज्योति समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। आगामी 24 जनवरी को भोपाल में भारतीय सशक्त महिला दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा, क्योंकि 24 जनवरी 1966 को श्रीमती इंदिरा गांधी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद इंदिरा ज्योति यात्रा भोपाल जोन एवं बुंदेलखंड जोन के सभी जिलों में संचालित की जाएगी। इस प्रकार मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं राजस्थान के प्रत्येक जिले में इंदिरा ज्योति यात्रा के माध्यम से इंदिरा गांधी के विचारों और कार्यों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 9 जनवरी 2025 को तत्कालीन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं मध्यप्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को सम्यक अभियान द्वारा संचालित इंदिरा ज्योति अभियान को सफल बनाने हेतु अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके पश्चात प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा अपील जारी की गई तथा पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा को सम्यक अभियान का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया।
चार वर्षीय इंदिरा ज्योति अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा पूर्व सांसद सुरेंद्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय प्रदेश आयोजन समिति का गठन किया गया है। समिति में सांसद अशोक सिंह, पूर्व मंत्री राजमणि पटेल, पूर्व मंत्री एवं विधायक लखन घनघोरिया, पूर्व मंत्री तरुण भानोट, पूर्व मंत्री एवं विधायक बालाराम बच्चन, पूर्व मंत्री हर्ष यादव, पूर्व मंत्री राजेंद्र कुमार मिश्रा, पूर्व विधायक एवं एआईसीसी सचिव सत्यनारायण पटेल, वरिष्ठ नेता एड. सैयद साजिद अली तथा महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अर्चना जायसवाल शामिल हैं। प्रदेश आयोजन समिति द्वारा सभी जिलों में जिला आयोजन समितियों का गठन किया जा रहा है। डिंडोरी में अमित गुप्ता की अध्यक्षता में जिला आयोजन समिति गठित की गई है।
श्री रोकड़े ने ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1960-70 के दशक में एकाधिकारवादी पूंजीवाद और पूर्व राजा-महाराजाओं का वर्चस्व बढ़ने से समतामूलक सामाजिक व्यवस्था स्थापित करना कठिन हो गया था। ऐसे समय में श्रीमती इंदिरा गांधी ने बैंकों के राष्ट्रीयकरण सहित अनेक क्रांतिकारी निर्णय लेकर समानता आधारित विकास का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान समय में पुनः निराशाजनक सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियां बन रही हैं।
इन्हीं हालातों के गहन अध्ययन के बाद इंदिरा गांधी को प्रेरणास्रोत मानते हुए 2 मई 2022 को रीवा से नौ प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित सम्यक अभियान की शुरुआत की गई।
सम्यक अभियान के प्रमुख मुद्दों में शिक्षित बेरोजगार युवाओं को सम्मानजनक रोजगार से जोड़ना, निजी क्षेत्र में कर्मचारियों के शोषण को समाप्त कर नियमित रोजगार सुनिश्चित करना, आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर रोक, श्रम कानूनों को कर्मचारी हितैषी बनाना, उपेक्षित वर्गों को न्याय दिलाना, कृषि क्रांति के लिए इंडस्ट्री-सेंट्रिक कम्युनिटी फार्मिंग सिस्टम लागू करना तथा पूर्व राजा-महाराजाओं के पास मौजूद अकूत संपत्ति को सरकारी घोषित कर उससे युवाओं के भविष्य निर्माण जैसे विषय शामिल हैं। इन मुद्दों के कारण बड़ी संख्या में शिक्षित बेरोजगार युवा, महिलाएं और प्रगतिशील किसान सम्यक अभियान से जुड़ रहे हैं और यह अभियान एक जनआंदोलन का स्वरूप लेता जा रहा है।








