डिंडौरी। भ्रष्टाचार के मामले में चर्चित सचिव को जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने सस्पेंड कर दिया है। बता दें कि जिला पंचायत डिण्डौरी ने ग्राम पंचायत सारंगपुर पडरिया में सामने आई 10 लाख 95 हजार 450 रुपये की वित्तीय अनियमितता के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव राजेश मसराम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई जिला पंचायत के माननीय न्यायालय/विहित प्राधिकारी (पंचायत) द्वारा म.प्र. पंचायत सेवा नियम 2011 के अंतर्गत की गई है। मामले में पंचायत के निर्वाचित सरपंच टेक सिंह परस्ते की भूमिका भी जांच के दायरे में पाई गई है।
जिला पंचायत कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डिण्डौरी द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन में यह स्पष्ट किया गया कि ग्राम पंचायत सारंगपुर पडरिया में विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों में नियमों को ताक पर रखकर राशि आहरण कर भुगतान किया गया। जांच में सामने आया कि कूप मरम्मत कार्य में 1 लाख 26 हजार 250 रुपये, आंगनबाड़ी भवन निर्माण में 84 हजार 360 रुपये, नाडेप निर्माण कार्य में 1 लाख 41 हजार 200 रुपये तथा पुलिया निर्माण कार्य में 7 लाख 43 हजार 640 रुपये का भुगतान नियम विरुद्ध तरीके से किया गया। इन सभी मदों को मिलाकर कुल 10 लाख 95 हजार 450 रुपये की वित्तीय अनियमितता प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत के माननीय न्यायालय/विहित प्राधिकारी (पंचायत) में धारा 89 के तहत प्रकरण क्रमांक 47/2025 दर्ज कर सुनवाई की गई। सुनवाई उपरांत पारित आदेश में सरपंच टेक सिंह परस्ते एवं सचिव राजेश मसराम को दोषी मानते हुए कुल अधिरोपित राशि 10 लाख 95 हजार 450 रुपये को बराबर-बराबर हिस्से में 15 दिवस के भीतर जमा करने के निर्देश दिए गए।
प्रकरण के दौरान सचिव राजेश मसराम को कार्यालयीन पत्र के माध्यम से कारण बताओ सूचना पत्र भी जारी किया गया था, जिसका जवाब 30 दिसंबर 2025 को प्रस्तुत किया गया। जांच एवं परीक्षण के बाद यह जवाब असमाधानकारक पाया गया। आदेश में उल्लेख किया गया है कि सचिव द्वारा किया गया कृत्य शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है, जो कि मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन एवं नियंत्रण) नियम 2011 के नियम 7 का स्पष्ट उल्लंघन है।
इन्हीं तथ्यों के आधार पर जिला पंचायत डिण्डौरी ने पंचायत सचिव राजेश मसराम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें शासन के नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा तथा उनका मुख्यालय जनपद पंचायत डिण्डौरी निर्धारित किया गया है।
वहीं, पंचायत के कार्य प्रभावित न हों, इस उद्देश्य से प्रशासनिक व्यवस्था करते हुए चूरामन उददे, सचिव ग्राम पंचायत सिलहरी को अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ ग्राम पंचायत सारंगपुर पडरिया के सचिव का अतिरिक्त प्रभार आगामी आदेश तक सौंपा गया है।









