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Dindori News: सचिव की लापरवाही से ठप पड़े शासकीय कार्य,सरपंच ने जिला CEO से की कार्रवाई की मांग

एडीटर: Chetram Rajpoot January 6, 2026

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– ग्रामसभा से लेकर जनकल्याणकारी योजनाएँ प्रभावित

डिंडौरी। जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत डोड़ा में पदस्थ सचिव जयंत कुमार मार्को की लगातार अनुपस्थिति और लापरवाही के कारण पंचायत के शासकीय कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती सुशीला बाई तेकाम ने इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत कर सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

सरपंच द्वारा दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि सचिव जयंत कुमार मार्को ग्राम पंचायत कार्यालय में लंबे समय से उपस्थित नहीं हो रहे हैं। न तो वे ग्रामसभा की बैठकों में भाग लेते हैं और न ही प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के सर्वे एवं क्रियान्वयन का कार्य किया जा रहा है। इससे ग्राम पंचायत डोड़ा के ग्रामीण शासन की योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सचिव से फोन पर संपर्क करने पर वे स्वयं को छुट्टी में बताकर पंचायत कार्य करने में असमर्थता जता देते हैं। सचिव की इस लापरवाही के चलते ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और स्वीकृति से संबंधित कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सरपंच ने बताया कि सचिव की अनुपस्थिति को लेकर जनपद पंचायत शहपुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा एसडीएम को कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन आज दिनांक तक सचिव के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मामले की अनदेखी से आक्रोशित ग्रामीणों ने मजबूर होकर सीएम हेल्पलाइन 21 में भी शिकायत दर्ज कराई है, जिसकी प्रति आवेदन के साथ संलग्न की गई है।

गौरतलब है कि वर्तमान में ग्राम पंचायत डोड़ा में सरपंच के अतिरिक्त कोई अन्य कर्मचारी पदस्थ नहीं है। न तो शासन द्वारा रोजगार सहायक की नियुक्ति की गई है और न ही कोई सक्रिय सचिव कार्यरत है। केवल कागजों में सचिव की पदस्थापना होने से पंचायत का पूरा कामकाज प्रभावित हो रहा है, जो एक गंभीर प्रशासनिक विषय है।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत डोड़ा में शीघ्र ही किसी अन्य जिम्मेदार सचिव की पदस्थापना की जाए, ताकि ग्रामवासी शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें और पंचायत व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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