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वन समिति के अध्यक्ष का आरोप: रेस्ट हाउस में बुलाकर रेंजर ने लिए 3.44 लाख रुपये, पांच समितियों ने खोला मोर्चा

एडीटर: Chetram Rajpoot October 15, 2026

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– काष्ठ लाभांश की राशि को लेकर पांच वन समितियों ने डीएफओ से की शिकायत, 10 दिन में जांच का आश्वासन; कार्रवाई नहीं होने पर धरने की चेतावनी

डिंडौरी न्यूज। पूर्व करंजिया वन परिक्षेत्र की रेंजर कौशांबी झा पर वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष ने दबाव बनाकर 3 लाख 44 हजार रुपये लेने का गंभीर आरोप लगाया है। बुधवार को पांच वन समितियों के सदस्य मामले की शिकायत लेकर डिंडौरी स्थित डीएफओ कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। डीएफओ अशोक कुमार सोलंकी ने शिकायत की जांच कर 10 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर वे धरना-प्रदर्शन करेंगे। दूसरी ओर, रेंजर ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि जगतपुर वन ग्राम में बिना अनुमति होम स्टे का निर्माण किए जाने से रोकने के कारण शिकायत की जा रही है।

– रेस्ट हाउस में बुलाकर पैसे लेने का आरोप

जगतपुर वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष मोहन सिंह करचाम ने आरोप लगाया कि मेन रोड से कपोटी टोला तक सीसी सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी, जिसकी लागत 4 लाख 66 हजार रुपये बताई गई है। उनके अनुसार, निर्माण कार्य के लिए समिति ने राशि निकाली थी और 12 अक्टूबर को मजदूरों का भुगतान भी किया गया था।

मोहन सिंह का आरोप है कि वनरक्षक चरण सिंह के माध्यम से उन्हें रेस्ट हाउस बुलाया गया। वहां कमरे में बंद कर उनसे पूछा गया कि निर्माण कार्य की कितनी राशि बची है। इसके बाद दबाव बनाकर उनसे नगद 3 लाख 44 हजार रुपये ले लिए गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने रेंजर को यह भी बताया था कि समिति को ग्रामीणों के सामने खर्च का हिसाब देना होगा, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर राशि ले ली गई।

– बैठक के बाद ग्रामीणों को कार्रवाई की धमकी देने का आरोप

ग्रामीण जगदीश प्रताप सिंह धुर्वे ने आरोप लगाया कि वन सुरक्षा समिति के सदस्यों द्वारा बैठक किए जाने के बाद रेंजर गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को कार्रवाई की धमकी दे रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली राजसात कराने की बात भी कही जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

– रेंजर ने आरोपों को बताया गलत

वहीं, पूर्व करंजिया वन परिक्षेत्र की रेंजर कौशांबी झा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि जगतपुर वन ग्राम में नौ स्थानों पर बिना अनुमति होम स्टे बनाए जा रहे हैं। इस संबंध में जांच प्रतिवेदन डीएफओ कार्यालय को भेजा जा चुका है और निर्माण कार्य करने से रोका गया है। उनके अनुसार, संभवतः इसी वजह से उनके खिलाफ शिकायत की जा रही है।

रेंजर ने कहा कि वन समितियां विकास कार्यों के लिए स्वतंत्र एजेंसी हैं। वन विभाग की भूमिका निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने और नियमानुसार अनुमति देने तक सीमित है।

– जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

मामले में वन समिति के अध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और रेंजर के पक्ष के बीच विरोधाभास सामने आया है। अब शिकायत पर होने वाली जांच के बाद ही कथित राशि लेन-देन और निर्माण कार्यों से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल शिकायतकर्ताओं को 10 दिन में जांच और कार्रवाई का आश्वासन मिला है। ग्रामीणों ने कहा है कि तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर वे आंदोलन करेंगे।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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