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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिले की 6 वर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा

एडीटर: Chetram Rajpoot January 2, 2026

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डिंडौरी न्यूज। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की नोडल अधिकारी, भारत सरकार की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति मीणा नायक द्वारा डिंडौरी जिले में योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु आगामी 6 वर्षों की कार्ययोजना की व्ही.सी. (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के माध्यम से समीक्षा की गई।

       समीक्षा के दौरान योजना से जुड़े विभिन्न विभागों द्वारा किए जाने वाले विकास कार्यों की प्रगति एवं प्रस्तावित गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत कृषि विभाग, मत्स्य, उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेयरी, एनआरएलएम, सहकारिता, उद्योग विभाग, कौशल विकास, राजस्व, आत्मा, कृषि अभियांत्रिकी, वाटरशेड एवं कृषि विज्ञान अनुसंधान केन्द्र के माध्यम से बहुआयामी कार्य किए जाने का प्रावधान है।

     योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि, फसल विविधिकरण, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा, जैविक संसाधन आधारित इकाइयों का विकास, दलहन तिलहन, मशरूम, बांस एवं पुष्प उत्पादन को प्रोत्साहन, कटाई उपरांत भंडारण क्षमता में वृद्धि, सिंचाई आधारभूत ढांचे में सुधार, पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी, कुटकुट एवं गोवंश आधारित आजीविका को सशक्त बनाना, फसल ऋण वितरण, राइस मिल एवं वेयरहाउस की स्थापना, उत्पादों का उचित मूल्य दिलाना, छोटी कृषि जोतों का विस्तार, पलायन को कम करना, असिंचित भूमि को सिंचित बनाना तथा उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ाना है। इसके साथ ही जिले के जैविक उत्पादों के प्रभावीकरण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

      व्ही.सी. के दौरान कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  दिव्यांशु चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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