– ऋण मुक्तेश्वर भगवान के दर्शन के साथ व्यापार, परंपरा और उत्सव का संगम
डिंडौरी न्यूज। विश्व विख्यात ऋण मुक्तेश्वर मंदिर के नाम से प्रसिद्ध कुकर्रामठ गांव में सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला ऐतिहासिक मड़ई मेला इस वर्ष 27 एवं 28 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा। वर्ष के अंतिम दिनों में लगने वाला यह मड़ई मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
जनपद पंचायत सदस्य राहुल पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि कुकर्रामठ की मड़ई को क्षेत्रवासी केवल मेला नहीं, बल्कि एक पर्व के रूप में मनाते हैं। मड़ई के अवसर पर दूर-दराज से रिश्तेदार और मेहमान गांव पहुंचते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन जाता है।
उन्होंने बताया कि मड़ई मेले के दौरान स्थानीय एवं बाहरी व्यापारी बड़ी संख्या में व्यापार करने पहुंचते हैं। मेले में बर्तन, खिलौने, आभूषण, कपड़े सहित दैनिक उपयोग की विभिन्न वस्तुओं की व्यापक खरीद-फरोख्त होती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
मड़ई मेले का धार्मिक महत्व भी अत्यंत विशेष है। मेले में शामिल होने वाले श्रद्धालु ऋण मुक्तेश्वर भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से जीवन के कष्ट और ऋण बाधाएं दूर होती हैं, इसी कारण मंदिर और मड़ई की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है।
जनपद सदस्य राहुल पांडे ने समस्त व्यापारियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कुकर्रामठ मड़ई मेले में शामिल होकर इस ऐतिहासिक परंपरा को जीवंत बनाए रखें। दो दिवसीय यह मड़ई मेला न केवल आस्था और परंपरा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक मेलजोल, व्यापार और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है।









