डिंडौरी न्यूज। मानवता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए समाजसेवी अतुल सिंघई ने 72वीं बार रक्तदान कर एक बार फिर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरेखा बनने का कार्य किया है। वर्षों से निरंतर रक्तदान और रक्त-सेवा के क्षेत्र में सक्रिय अतुल सिंघई का यह योगदान ऐसे जिले में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहाँ सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक है और प्रतिदिन दर्जनों लोगों को जीवनरक्षक रक्त की आवश्यकता पड़ती है।
अतुल सिंघई न केवल स्वयं नियमित रूप से रक्तदान करते आ रहे हैं, बल्कि उन्होंने अपने सहयोगियों और युवाओं के साथ मिलकर एक संगठित रक्तदाता समूह भी तैयार किया है। यह समूह आपातकालीन परिस्थितियों में बिना विलंब मरीजों तक रक्त उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रहा है। उनके इस प्रयास से अब तक अनेक गंभीर रूप से बीमार मरीजों, सड़क दुर्घटना पीड़ितों और सिकल सेल से ग्रसित लोगों को समय पर रक्त मिल सका है, जिससे कई जिंदगियां बचाई जा चुकी हैं।
चिकित्सकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि अतुल सिंघई जैसे समाजसेवी समाज में निस्वार्थ सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। उनका यह सतत योगदान युवाओं को रक्तदान और सामाजिक सेवा के लिए प्रेरित कर रहा है, साथ ही यह संदेश भी दे रहा है कि सामूहिक सहभागिता और संवेदनशीलता से समाज की बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है।









