डिंडौरी। आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश सह सचिव महेंद्र परस्ते पर भोले-भाले ग्रामीण से झूठे आश्वासन देकर पैसे हड़पने का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध में पीड़ित ग्रामीण चेतराम पिता मंदरू कुशराम, उम्र लगभग 60 वर्ष, निवासी ग्राम खपरी पानी (थाना बजाग) ने पुलिस अधीक्षक डिंडौरी को लिखित शिकायत सौंपी है।
शिकायत में चेतराम ने बताया कि उनके पुत्र शिवलाल काम करने लगभग 11 माह पूर्व जोधपुर, राजस्थान गया था, जो अभी तक लापता है, पुत्र की खोज खबर के लिए दर दर भटक रहें हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत घोपतपुर पिंडरुक्खी निवासी आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश सचिव महेंद्र परस्ते ने उनसे यह कहते हुए 20,000 रुपये लिए कि वह उनके पुत्र का जल्दी से तलाश करवा देगा। पीड़ित ने मई 2025 में उक्त राशि दी, लेकिन इतने महीने बीत जाने के बाद भी न तो गुमशुदा लड़के का पता लगा और न ही पैसे वापस मिले।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने पैसे वापसी की मांग की तो महेंद्र परस्ते ने टालमटोल करते हुए कहा कि “आज दे दूंगा, कल दे दूंगा”, लेकिन अब तक न तो पैसे लौटाए और न ही फोन पर बात कर रहे हैं।
पीड़ित चेतराम ने पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कर महेंद्र परस्ते से वसूली गई राशि वापसी कराने तथा आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि महेंद्र परस्ते अपने राजनीतिक रसूख का झांसा देकर भोले-भाले आदिवासी लोगों को विश्वास में लेकर ठगी कर रहा है। पीड़ित ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
कांग्रेस नेता महेंद्र परस्ते पर पैसे हड़पने का आरोप, पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से की शिकायत
डिंडौरी। आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश सचिव महेंद्र परस्ते पर भोले-भाले ग्रामीण से झूठे आश्वासन देकर पैसे हड़पने का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध में पीड़ित ग्रामीण चेतराम पिता मंदरू कुशराम, उम्र लगभग 60 वर्ष, निवासी ग्राम खपरी पानी (थाना बजाग) ने पुलिस अधीक्षक डिंडौरी को लिखित शिकायत सौंपी है।
शिकायत में चेतराम ने बताया कि उनके पुत्र शिवलाल काम करने लगभग 11 माह पूर्व जोधपुर, राजस्थान गया था, जो अभी तक लापता है, पुत्र की खोज खबर के लिए दर दर भटक रहें हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत घोपतपुर पिंडरुक्खी निवासी आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश सचिव महेंद्र परस्ते ने उनसे यह कहते हुए 20,000 रुपये लिए कि वह उनके पुत्र का जल्दी से तलाश करवा देगा। पीड़ित ने मई 2025 में उक्त राशि दी, लेकिन इतने महीने बीत जाने के बाद भी न तो गुमशुदा लड़के का पता लगा और न ही पैसे वापस मिले।

पीड़ित का आरोप है कि जब उसने पैसे वापसी की मांग की तो महेंद्र परस्ते ने टालमटोल करते हुए कहा कि “आज दे दूंगा, कल दे दूंगा”, लेकिन अब तक न तो पैसे लौटाए और न ही फोन पर बात कर रहे हैं।
पीड़ित चेतराम ने पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कर महेंद्र परस्ते से वसूली गई राशि वापसी कराने तथा आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि महेंद्र परस्ते अपने राजनीतिक रसूख का झांसा देकर भोले-भाले आदिवासी लोगों को विश्वास में लेकर ठगी कर रहा है। पीड़ित ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।









