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Dindori News: सरदार पटेल जयंती पर ‘मैया अभियान’ के सदस्यों ने मां नर्मदा घाट की सफाई कर दी एकता का संदेश

एडीटर: Chetram Rajpoot November 2, 2025

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डिंडौरी। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर रविवार को ‘मैया अभियान – स्वच्छता ही सेवा’ के सदस्यों ने मां नर्मदा की पावन धारा के तट पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। प्रातः 7 से 9 बजे तक इमली कुटी घाट क्षेत्र में श्रमदान करते हुए सदस्यों ने घाट पर फैली गंदगी, प्लास्टिक पन्नियां, काँच की बोतलें, दूषित कपड़े और अन्य प्रदूषित सामग्री एकत्र की। इस दौरान एक गाड़ी भरकर कचरा उठाया गया।

अभियान के सदस्यों ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन सादगी, ईमानदारी और देशसेवा का प्रतीक था। उन्होंने भारत के एकीकरण का कार्य कर राष्ट्रीय एकता का जो संदेश दिया, उसी भावना से प्रेरित होकर ‘मैया अभियान’ के सदस्य मां नर्मदा को स्वच्छ और निर्मल रखने का संकल्प दोहराते हैं।

सदस्यों ने बताया कि श्रद्धालु प्रतिदिन नर्मदा जी में आस्था की डुबकी लगाते हैं, परंतु घाटों पर गंदगी फैलने से नदी प्रदूषित हो रही है। अम्बेडकर बस्ती और अस्पताल क्षेत्र से आने वाला नाला सीधे नदी में मिल जाने से जल प्रदूषण की स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। इसी को देखते हुए अभियान के तहत हर रविवार सुबह 7 से 9 बजे तक घाटों पर नियमित सफाई की जाती है।

विगत तीन वर्षों से चल रहे इस जन अभियान के अंतर्गत शांति धाम, इमली कुटी, शंकर घाट, डैम घाट, भवतारिणी मंदिर और जोगी टिकरिया सहित अन्य नर्मदा घाटों पर भी सफाई अभियान जारी है।

रविवार को आयोजित इस श्रमदान में बाल सेवादार विवान प्रधान, डॉ. संतोष परस्ते (जिला आयुष अधिकारी), आर.पी. कुशवाहा (नेहरू युवा केंद्र), जितेन्द्र दीक्षित (शिक्षक), शाहिद खान (प्राचार्य), भागवत यादव, जगदीश सिंह, धर्मेंद्र चौहान (जिला समन्वयक, जन अभियान परिषद), आर.बी. मिथिलेश (प्राचार्य, कन्या शिक्षा परिसर), विजय रजक, महेन्द्र सिंह उचेहरा, और महाराणा प्रताप सिंह सहित अन्य सेवादारों ने भाग लिया और मां नर्मदा की सेवा का संकल्प लिया।

अभियान के सदस्यों ने नगरवासियों से अपील की है कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन नर्मदा घाटों की सफाई में सहयोग करें। यही मां नर्मदा की सच्ची सेवा और सरदार पटेल की एकता की भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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