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सजायाफ्ता कैदी की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने जेल प्रबंधन पर लगाया समय पर इलाज न कराने का आरोप

एडीटर: Chetram Rajpoot August 23, 2025

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डिंडौरी न्यूज । शनिवार को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान जिला जेल में सजायाफ़्ता कैदी की मौत हो गई।जेल प्रबंधन ने देर रात लगभग 2 बजे एंबुलेंस के जरिए सीने में दर्द उठने की वजह से भर्ती करवाया था।वही मृतक के बेटे ने समय पर इलाज न मिलने के आरोप लगाए है।जेल प्रबंधन का कहना है कि प्राथमिक इलाज दिया गया था।

पत्नी की मौत पर सजा काट रहा था मृतक कैदी

जेल में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ श्याम लाल बरकड़े ने बताया कि कैदी पवन धुर्वे के खिलाफ 306,498 के तहत न्यायालय द्वारा पांच साल की सजा सुनाई गई थी।15 फरवरी 2024 को जेल में दाखिल हुआ था।शुक्रवार की देर रात लगभग डेढ़ बजे अचानक उसके सीने में दर्द हो रहा था।जेल में ही प्राथमिक उपचार करने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां उसकी मौत हो गई।

परिजनों का आरोप ,मिलने गए तो ठीक था पवन,सुबह साढ़े आठ बजे सूचना क्यों

सिटी कोतवाली क्षेत्र के बुधगांव निवासी मृतक के बेटे पुष्पेंद्र धुर्वे ने बताया कि 09 अगस्त को मैं जेल में पिता से मिलने गया था।तो वो ठीक थे ,उन्हें कोई बीमारी नहीं थी।मेरे बोले रहे थे कि घर ,खेती का ध्यान रखना।आज सुबह साढ़े आठ बजे जेल से फोन गया कि तुम्हारे पिता की मौत हो गई है। उनको समय पर इलाज नहीं मिला और हमें समय पर सूचना दी जानी थी।

कैदी के पत्नी की 06 साल पहले हुई थी मौत 

बेटे ने बताया कि मां लीला बाई की मौत 06 साल पहले हो चुकी है।पिता पर दहेज प्रताड़ना और मौत के लिए उकसाने का केस दर्ज हुआ था और न्यायालय से उन्हें सजा हो गई थी। बड़ी बहन प्रियंका है उसकी शादी हो चुकी है।घर में मै अकेला बचा हूं।जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार आर पी मार्को पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे,पंचनामा की कार्यवाही जारी है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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