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डिंडौरी जिले में शिक्षकों के एकजाई तबादलों पर शासन ने लगाई रोक, BJP विधायक ने कलेक्टर के खिलाफ खोला मोर्चा

एडीटर: Chetram Rajpoot August 21, 2025

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– बीजेपी विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने प्रेस कांफ्रेंस कर कलेक्टर के विरुद्ध लगाए गंभीर आरोप

– आखिर कैसे सुधरेगी शिक्षा व्यवस्था, रसूखदार शिक्षक एक ही स्थान पर दशकों से जमे..?

– युक्तियुक्तकरण, अतिशेष शिक्षकों की जानकारी संकलन में BEO ने किया खेल, जिससे बिगड़ी व्यवस्था..?

मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में शिक्षा व्यवस्था बद से बदतर स्थिति में हैं, आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले की कई स्कूलों में शासन के निर्देशों और अनुपात के विरुद्ध शिक्षक वर्षों से जमे हैं तो वहीं दर्जनों स्कूल वर्षों से शिक्षक विहीन हैं। लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे शिक्षकों का बामुश्किल तबादले किए गए थे लेकिन यह प्रक्रिया भी लापरवाही और राजनीति की भेंट चढ़ गई। मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग ने जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए स्थानांतरण आदेशों को त्रुटिपूर्ण मानते हुए निरस्त करते हुए नए सिरे से कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है। भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए तत्कालीन प्रभारी सहायक आयुक्त और कलेक्टर के विरुद्ध लेनदेन का गंभीर आरोप लगाया है,उन्होंने कहा कि सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला को हटाकर प्रभारी सहायक आयुक्त के साथ स्थानांतरण में खेल किया गया है।

कुछ दिनों पहले जिला प्रशासन के द्वारा युक्तियुक्तकरण, प्रशासनिक और स्वैच्छिक रूप से थोकबंद तब्दील किए गए थे, जिस पर शिक्षकों ने असंतोष व्यक्त करते हुए विरोध जताया था।

जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्राचार्य, बीईओ, सहित प्रथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के थोकबंद तबादले किए गए थे, स्थानांतरण आदेश के विरुद्ध के शिक्षकों ने उच्च न्यायालय से स्थगन प्राप्त किया है।

डिंडौरी जिला प्रशासन द्वारा किए गए स्थानांतरण आदेश को मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा जांच के बाद निरस्त करते हुए नए सिरे से कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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– जनजातीय कार्य विभाग मंत्रालय ने निरस्त किए कई स्थानांतरण आदेश

मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग मंत्रालय भोपाल ने डिंडौरी जिले में जिला स्तर पर जारी कई स्थानांतरण, युक्तियुक्तकरण,पदस्थापना एवं आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। विभाग की ओर से जारी आदेश क्रमांक 1/1/41/0010/2025-ED-ESTB-CTD/E-717340 दिनांक 21 अगस्त 2025 के मुताबिक, यह निर्णय राज्य शासन को प्राप्त शिकायतों एवं संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग जबलपुर के प्रतिवेदन एवं आयुक्त जनजाति कार्य विभाग के अनुशंसा के आधार पर आदेश जारी किया गया है।

– कलेक्टर डिंडौरी का आदेश निरस्त

कलेक्टर (जनजातीय कार्य) डिंडौरी द्वारा 17 जून 2025 को जारी आदेश क्रमांक 478, जिसके तहत 3 प्राचार्यों द्वितीय श्रेणी का स्थानांतरण किया गया था, उसे विभाग ने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। कारण यह बताया गया कि कलेक्टर को इस प्रकार का स्थानांतरण करने का अधिकार प्राप्त नहीं है। कलेक्टर डिंडौरी के ही आदेश क्रमांक 479 दिनांक 17 जून 2025 से संबंधित 12 उच्च माध्यमिक शिक्षकों का स्थानांतरण आदेश को भी निरस्त कर दिया गया।

– 438 शिक्षकों स्थानांतरण सूची पर रोक

डिंडौरी कलेक्टर कार्यालय से 3 जुलाई 2025 को जारी आदेश क्रमांक 604, 605 एवं 606 के तहत 438 शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया था। इस पूरे प्रकरण को विभाग ने नियम विरुद्ध मानते हुए शून्य कर दिया। विभाग ने कहा कि इस प्रकार की पदस्थापना केवल राज्य शासन स्तर पर ही वैध है। साथ ही, इन सभी प्रकरणों को पुनः परीक्षण के लिए शासन को भेजा गया है।

– 139 अधीक्षकों का स्थानांतरण भी अमान्य

11 जुलाई 2025 को जारी आदेश क्रमांक 740, जिसके तहत 139 छात्रावास अधीक्षकों का स्थानांतरण किया गया था, उसे भी निरस्त किया गया है। विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के आदेश केवल राज्य शासन के अधीन ही जारी किए जा सकते हैं, जिला स्तर से नहीं।

उपसचिव जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि स्थानांतरण और युक्तियुक्तकरण संबंधी आदेश केवल सक्षम स्तर से ही जारी हो सकते हैं। डिंडौरी जिले से जो आदेश जारी हुए, वे नियम विरुद्ध और अधिकार क्षेत्र से बाहर थे। इस कारण इन्हें तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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