—Advertisement—

फर्जी जीएसटी बिल पर करोड़ों का भुगतान,सप्लायर ने टैक्स चोरी शासन को लगाया लाखों का पलीता

एडीटर: Chetram Rajpoot August 4, 2025

—Advertisement—

– जीएसटी अधिनियम की उड़ाई धज्जियां, जिम्मेदारों ने आंख बंद कर किया करोड़ों का भुगतान

डिंडौरी न्यूज। जिले के मेहंदवानी जनपद पंचायत अंतर्गतकई ग्राम पंचायतों में रिजेक्ट जीएसटी दर्ज नम्बर के बिलों के जरिए पंचायती खजाने से करोड़ों रुपए का सरकारी भुगतान प्राप्त करते हुए शासन की आंख में धूल झोंक कर लाखों रुपए का घोटाला करने का मामला सामने आया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत चौबीसा के उप सरपंच संतोष साहू द्वारा पंचायती राज अधिनियम के विरुद्ध स्वयं के ही पंचायत में लाखों रुपए पानी परिवहन, मुरूम परिवहन सहित गैर अनुमति कार्यों के नाम करोड़ों रुपए का भुगतान प्राप्त किया गया है, ग्राम पंचायत चौबीसा के सरपंच सचिव द्वारा अन्य व्यय और बगैर तकनीकी/प्रशासकीय स्वीकृति के ही मनमानी कार्यों के नाम पर सप्लायर/उपसरपंच के साथ राशि का बंदरबांट किए जाने का मामला सामने आया है।


फर्जी जीएसटी से करोड़ों का भुगतान, लाखों रुपए टैक्स चोरी का मामला

केंद्र सरकार द्वारा टैक्स प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता जवाबदेही तय करने के लिए 2017 में एक देश एक टैक्स की मंशा को लेकर पूरे देश में जीएसटी बिल लागू किया गया था, लेकिन टैक्स प्रणाली को पलीता लगाते हुए कुछ सप्लायर रिजेक्ट जीएसटी बिल के जरिए करोड़ों रुपए का भुगतान प्राप्त कर शासन को लाखों रुपए का पलीता लगा रहे हैं।

कुछ ऐसा ही मामला जिले के मेहंदवानी ब्लॉक में सामने आया है, यहां के कई ग्राम पंचायत जैसे चौबीसा, राघोपुर, कलगी टोला, पड़री टोला, सहित दर्जनों पंचायतों से करोड़ों रुपए का भुगतान लिया गया है, जबकि सप्लायर का जीएसटी 2019 में ही वाणिज्य कर विभाग द्वारा बंद कर दिया गया है। इस तरह सप्लायर संतोष साहू द्वारा वंदना बिल्डिंग मटेरियल फर्म के जरिए शासन को लाखों रुपए का टैक्स चोरी कर पलीता लगाया जा रहा है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

Leave a Comment