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महिला सरपंच के खाते में स्कूल रसोइया का मानदेय,बगैर काम वर्षों से ले रही भुगतान..!

एडीटर: Chetram Rajpoot August 3, 2025

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– सरपंच निवार्चित होने के बाद लगातार 35 माह का मानदेय महिला सरपंच के खाते में हो रहा जमा

– पद का दुरुपयोग कर शासन को लगाया लाखों रुपए का पलीता

मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में सरकारी धन का बंदरबांट चरम पर है, बात चाहे निर्माण कार्यों के नाम पर धांधली की हो या फिर फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपए गबन करने की, जिम्मेदारों को शासन प्रशासन और नियम कानून का कोई भय नहीं है। बेखौफ होकर शासन को धड़ल्ले से पलीता लगाया जा रहा है।

डिंडौरी जिले में चौंकाने वाला मामला सामने आया है, यहां एक महिला सरपंच बगैर काम के ही लगभग 35 माह से प्रतिमाह 4000 हजार रुपए रसोइया का वेतन ले रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अमरपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कोको के पोषक ग्राम लखनपुर में संचालित प्राथमिक विद्यालय में छोटी बाई सैयाम रसोइया के पद पर कार्यरत थी। पंचायत चुनाव 2022 में सरपंच निर्वाचित होने एवं 26 जुलाई को पदभार ग्रहण करने के बाद एक भी दिन रसोइया का काम नहीं की हैं।


इसके बावजूद सरपंच छोटी बाई सैयाम ने पद का दुरुपयोग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर जुलाई 2022 से जून 2025 तक लगातार प्रतिमाह रसोइया का वेतन स्वयं के खाते में प्राप्त की है।

ग्राम पंचायत कोको की सरपंच निर्वाचित होने के बाद से अब तक लगभग 35 माह का लगातार भुगतान प्राप्त कर शासन को लाखों रुपए का पलीता लगाते हुए भ्रष्टाचार किया गया है, जब इस संबंध में सरपंच छोटी बाई सैयाम से पक्ष जानने हेतु संपर्क किया गया तो उनके पुत्र ने जानकारी न होने की बात कही है, वहीं ग्रामीणों की माने तो ग्राम पंचायत को सरपंच पुत्र ज्ञान सैयाम चला रहा है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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