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जिले में वर्षों से नियमों को ताक पर रखकर चल रही बीआरसी,बीएसी,सीएसी व्यवस्था, कब सुधरेगी हालात?

एडीटर: Chetram Rajpoot July 13, 2025

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डिंडौरी न्यूज़ । जिले में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति और व्यवस्थाओं में मनमानी कोई नई बात नहीं रह गई है। वर्षों से यहाँ वरिष्ठता और नियमों के बजाय अधिकारियों और नेताओं के चहेतों को प्राथमिकता दी जाती रही है। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत बीआरसी, बीएसी और सीएसी पदों पर नियुक्तियाँ दो वर्षों के लिए होती हैं, जिसे अच्छे कार्य व्यवहार पर दो साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है।

मध्यप्रदेश शासन, आयुक्त राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के आदेश अनुसार 2016 में डिंडोरी जिले में कलेक्टर एवं मिशन संचालक के निर्देश पर इन पदों पर प्रतिनियुक्ति की गई थी। लेकिन नौ साल बीत जाने के बावजूद अब तक प्रतिनियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और नियमों को दरकिनार कर मनचाहे लोगों को पदों पर बनाए रखा गया है।

अब निगाहें जिला कलेक्टर नेहा मारव्या पर टिकी हैं कि क्या वे योग्य शिक्षकों की पारदर्शी काउंसलिंग कराकर नियमों के अनुसार प्रतिनियुक्ति करेंगी, या फिर पूर्व की भांति अधिकारियों की मनमानी से ही काम चलता रहेगा। बीआरसी और बीएसी पदों के लिए व्याख्याता, उच्च श्रेणी शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षक पात्र हैं, जबकि सीएसी पद पर उच्च श्रेणी शिक्षक और माध्यमिक शिक्षक की पात्रता है।

शिक्षक वर्ग और जागरूक नागरिकों को उम्मीद है कि कलेक्टर इस व्यवस्था की सर्जरी करते हुए नियमों का पालन सुनिश्चित कराएँगी और योग्य शिक्षकों को ही जिम्मेदारी सौंपेंगी। अब देखना यह होगा कि जिले में शिक्षा विभाग की यह धाँधली कब तक खत्म होती है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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