—Advertisement—

Dindori Corruption News: कनईसांगवा पंचायत में पुराने गलीप्लग पर नई परत चढ़ाकर लाखों डकार गए जिम्मेदार, गेबियन निर्माण के नाम पर बड़ा घोटाला उजागर

एडीटर: Chetram Rajpoot July 7, 2025
— Oplus_16777216

—Advertisement—

– गलीप्लग के ऊपर गेबियन का निर्माण करा उपयंत्री और सरपंच सचिव ने डकारे लाखों रुपए

Dindori Corruption News, डिंडौरी न्यूज़। जनपद पंचायत डिंडोरी के नजदीकी ग्राम पंचायत कनईसांगवा में सरपंच , सचिव और उपयंत्री ने मिलीभगत कर सूचना पटल और बोल्डर पत्थर परिवहन के नाम फर्जीवाड़ा करते हुए लाखों रुपए डकार गए। जबकि कोई भी कार्य स्थल में न तो सूचना पटल लगाई गई है और न ही बोल्डर परिवहन कराया गया है, मनरेगा योजना से जेब भरने के लिए उपयंत्री संदीप शुक्ला ने फर्जी मापपुस्तिका तैयार कर घोटाला को अंजाम दिया है।

कार्यस्थल पर मौजूद बोल्डर पत्थर का परिवहन दर्शा कर लाखों रुपए का बंदरबाट

हद तो तब हो गई जब पूर्व में मनरेगा योजना से निर्मित गली प्लग के ऊपर ही जीआई तार लगाकर, बोल्डर पत्थर परिवहन के नाम पर लाखों रुपए आहरित कर लिया। जानकारी के अनुसार पूर्व वर्षों में मृदा एवं जल संरक्षण हेतु रोजगार गारंटी योजना के गली प्लग/ बोल्डर चेकडैम पर पुनः लीपा पोती कर फर्जीवाड़ा का खेल खेला गया है।

पहले से मनरेगा योजना से निर्मित गली प्लग पर स्टील जाली लपेटकर किया घोटाला

ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत कनईसांगवा में जिन स्थलों पर गली प्लग/बोल्डर चेकडैम के निर्माण कार्य कराए गए थे, उन स्थलों में आज भी प्राकृतिक रूप से प्रचुर मात्रा में बोल्डर पत्थर मौजूद है। जिन्हें पहले मजदूरों ने स्वयं उठाकर बोल्डर चेकडैम का निर्माण किया था, उस दौरान भी पंचायत द्वारा परिवहन के नाम पर लाखों रुपए का घोटाला किया गया था और एक बार फिर वित्तीय वर्ष 2023-24 में सरपंच, सचिव से मिलीभगत कर उपयंत्री संदीप शुक्ला द्वारा आंख बंद कर स्टोन चिपिंग स्क्रीनिंग साइज 4.75 एमएम, सूचना पटल, बोल्डर, ब्लैक ट्रेप, बेसाल्ट ग्रेनाइट के नाम पर फर्जीवाड़ा करते हुए लाखों रुपए का बंदरबाट किया गया है।

कार्यस्थल पर पत्थर खनन के अवशेष साफ देखा जा सकता है।

– इन कार्यों के नाम फर्जीवाड़ा कर किया लाखों रु का घोटाला

वित्तीय वर्ष 2023-24 में ग्राम पंचायत कनईसांगवा के घुघवा नाला में ग़ैबियन निर्माण कार्य में चिपिंग बोल्डर 7140 रु, बोल्डर परिवहन 23100, स्टील वायर 25135 रु का भुगतान 31/07/2024 को एमआरएन ट्रेडर्स को किया गया है।

मनरेगा पोर्टल में दर्ज घोटाले की कहानी

इसी तरह ग़ैबियन निर्माण कार्य भाग 01 में डिस्पले बोर्ड के नाम पर 5000, स्टोन चिपिंग 9800, जीआई वायर 25135 रु, बोल्डर 73100 रु का भुगतान 28/06/2024 को किया गया है। इसी तरह ग़ैबियन निर्माण भाग 02,   ग़ैबियन निर्माण भाग 03, गैबियन निर्माण कार्य नाला में भाग 01, भाग 02, गैबियन निर्माण कार्य मेड़ा नाला में भाग एक एवं भाग 02 के निर्माण कार्य के नाम पर बोल्डर पत्थर परिवहन के नाम पर लगभग 08 गेबियन निर्माण के नाम पर डिस्पले बोर्ड, पत्थर परिवहन की मापुस्तिका तैयार कर शासन की राशि का दुरुपयोग कर डकारने का मामला सामने आया है।

– आखिर किस खदान से हुई लाखों रुपए की बोल्डर पत्थर खरीदी..?

फर्जी मापपुस्तिका तैयार कर उपयंत्री ने 06 लाख का भुगतान कराया 

मनरेगा पोर्टल में दर्ज बोल्डर पत्थर क्रय/परिवहन की लगभग 610340 रु का बिल भुगतान दर्ज है, बड़ा सवाल यह है कि यदि 6 लाख रुपए से अधिक की बोल्डर पत्थर क्रय/परिवहन किया गया है तो शासन द्वारा अधिकृत किन खदानों से खरीदी की गई है, और एम आर एन ट्रेडर्स को किस आधार पर भुगतान किया गया है, क्या सप्लायर ने खनिज रॉयल्टी चुकाई हैं या गौड़ खनिज का अवैध खनन/परिवहन कर शासन को पलीता लगाया गया है। सूत्रों की मानें तो जिम्मेदार उपयंत्री, सरपंच और सचिव द्वारा शासन की आंखों में धूल झोंकते हुए पूर्व के कामों पर लीपा पोती करते फर्जीवाड़ा रच कर शासन को लाखों रुपए का पलीता लगाया गया है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

Leave a Comment