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तीन साल से जून माह का वेतन बाकी: रसोइयों का फूटा ग़ुस्सा, कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

akvlive.in

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मंडला न्यूज । जिले के रसोइयों ने अपने तीन वर्षों से लंबित जून माह के मानदेय भुगतान को लेकर मंगलवार को कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर जोरदार ढंग से ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, कलेक्टर मंडला एवं जिला पंचायत सीईओ के नाम संबोधित किया गया।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें

ज्ञापन के माध्यम से रसोईया उत्थान संघ समिति ने बताया कि मंडला जिले में कार्यरत लगभग चार हजार रसोइयों को जून महीने में मध्यान्ह भोजन पकाने के बावजूद पिछले तीन वर्षों से इस माह का मानदेय नहीं दिया जा रहा है। रसोइयों का कहना है कि वे नियमित रूप से 15 जून से 30 अप्रैल तक कार्य करते हैं, लेकिन भुगतान केवल जुलाई से अप्रैल तक ही किया जा रहा है।

रसोइयों ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जून माह में उनके बच्चों के स्कूल में प्रवेश, खेती-बाड़ी की तैयारी जैसे अत्यंत आवश्यक खर्चे होते हैं, ऐसे में इस अवधि में बिना मानदेय काम करना उनके लिए बोझ बन जाता है।

भोजन की व्यवस्था तो है, पर रसोइयों को वेतन नहीं!

रसोईया संघ ने यह भी बताया कि जून माह में मध्यान्ह भोजन के लिए चावल, ईंधन और अन्य सामग्री की आपूर्ति बराबर की जाती है। शासकीय उचित मूल्य दुकानों से सामग्री मिलती है और स्व-सहायता समूहों के खातों में राशि भी जमा होती है, जिससे साफ है कि जून में मध्यान्ह भोजन की योजना संचालित होती है — परंतु इसका मानदेय रसोइयों को नहीं दिया जाता।

संघ की चेतावनी और अपील 

रसोईया उत्थान संघ समिति के संस्थापक पी. डी. खैरवार ने कहा कि यह स्थिति रसोइयों के साथ अन्याय है और सरकार को तीन सत्रों से लंबित जून माह के मानदेय का भुगतान शीघ्र करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन को आंदोलनात्मक कदम उठाने पर विवश होना पड़ेगा।

उपस्थित प्रमुख लोग

ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में कुंवर सिंह मरकाम, सुरेश बघेल, गायत्री पड़वार, गंगोत्री विश्वकर्मा, रम्मू साहू सहित बड़ी संख्या में रसोईया शामिल रहीं।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..