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Dindori News : जनसुनवाई में प्राप्त हुए 67 आवेदन, कलेक्टर नेहा मारव्या ने त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

एडीटर: Chetram Rajpoot May 13, 2025

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Dindori News, डिंडौरी |  कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया। इस जनसुनवाई में जिले के विभिन्न विभागों से आए आमजन ने कुल 67 आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें से अधिकांश का त्वरित निराकरण किया गया। शेष आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

जनसुनवाई के दौरान एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्रीमती मारव्या ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरता से सुना और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देश जारी किए। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। इनमें सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, अनुकम्पा नियुक्ति, और तालाब निर्माण जैसी ज़रूरतें प्रमुख रहीं।

शिकायतकर्ता देवरी निवासी बसंत राठौर ने पुत्री के अपहरण का मामला उठाया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। मेढ़ाखार निवासी धर्मेंद्र सिंह ने संबल योजना की राशि न मिलने की शिकायत की। वार्ड नंबर 14 निवासी दिल्ली सिंह ने बिजली लाइन टूटने से हो रही परेशानी बताई। वहीं वृद्ध दद्दू लाल वास्पे ग्राम पिंडरूखी ने निःशक्तिकरण योजना के तहत आर्थिक सहायता की मांग की। आवेदक महिला ने बताया कि 45 वर्षों से उनके द्वारा उपयोग में लाया जा रहा भूखंड उनके नाम पर है, लेकिन 20 मार्च 2025 से कुछ लोग जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं और धमकी भी दे रहे हैं। उन्होंने कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन से सुरक्षा और कब्जा मुक्त कराने की गुहार लगाई।

 

ग्राम धनुवासागर की निवासी ममता बिलथरे ने बताया कि मई 2023 से उनके बिजली बिल में अचानक 34,000 की वृद्धि कर दी गई, जबकि अप्रैल तक उनका मासिक बिल मात्र 751 था। ग्राम खम्हरिया रैयत से आए ग्रामीणों ने बताया कि खसरा नंबर 211 की सरकारी भूमि पर गांव के ही रनमत सिंह द्वारा अतिक्रमण कर रास्ता बंद कर दिया गया है। यह रास्ता ग्राम पंचायत काटीगहन के अंतर्गत आता है और ग्रामीणों की खेती तथा आवाजाही के लिए अत्यंत आवश्यक है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि रास्ते पर रोक लगाने के साथ.साथ उन्हें धमकियाँ भी दी जा रही हैं। प्रशासन ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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