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पंचायतों को अंतिम मौका: 15 सितंबर तक कार्ययोजना अपलोड करें, तभी मिलेगी 16वें वित्त आयोग की पहली किस्त

एडीटर: Chetram Rajpoot September 4, 2026

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– प्रदेश की 23,011 ग्राम पंचायतों में अब तक सिर्फ 4,155 ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड की GPDP, पंचायत राज संचालनालय ने जारी किए सख्त निर्देश

भोपाल। मध्यप्रदेश की ग्राम पंचायतों के लिए महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पंचायतों की विकास कार्ययोजना GPDP/BPDP/DPDP को निर्धारित समय-सीमा में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। पंचायत राज संचालनालय ने सभी जिला एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्धारित समय-सीमा में कार्ययोजना अपलोड कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

पंचायत राज संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा 3 सितंबर 2026 को जारी पत्र क्रमांक पं.रा./IT/2026-27/15367 में बताया गया है कि प्रदेश की कुल 23,011 ग्राम पंचायतों में से अब तक केवल 4,155 ग्राम पंचायतों ने अपनी विकास कार्ययोजना ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड की है। शेष पंचायतों को कार्ययोजना अपलोड करने के लिए तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

– 15 सितंबर है अंतिम तारीख

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि भारत सरकार के पंचायत राज मंत्रालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 की पंचायतों की विकास कार्ययोजना को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इसके बाद GPDP पोर्टल पर अनुमोदन की प्रक्रिया भारत सरकार, पंचायत राज मंत्रालय द्वारा बंद कर दी जाएगी।

ऐसे में निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्ययोजना अपलोड नहीं करने वाली पंचायतों के लिए इसका सीधा असर 16वें वित्त आयोग (16th CFC) के अनुदान की प्रथम किस्त पर पड़ सकता है। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि समय-सीमा में GPDP/BPDP/DPDP ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड नहीं करने वाली पंचायतें 16वें वित्त आयोग के अनुदान की प्रथम किस्त प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होंगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित पंचायत की होगी।

– तीनों स्तर की पंचायतों को कार्ययोजना अपलोड कराने के निर्देश

पंचायत राज संचालनालय ने सभी त्रिस्तरीय पंचायतों की विकास कार्ययोजना को 15 सितंबर तक अनिवार्य रूप से ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड कराने के निर्देश दिए हैं। जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की पंचायतों में इसकी निगरानी करते हुए समय-सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कराने को कहा गया है।

जारी पत्र में संबंधित विभागों को यह भी निर्देशित किया गया है कि GPDP/BPDP/DPDP के निर्माण के लिए विभागीय योजनाओं को पंचायतों की विकास कार्ययोजना में शामिल कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इस संबंध में ग्रामीण विकास, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी पत्र की प्रति भेजी गई है।

– महज 18 प्रतिशत पंचायतों का हुआ अपलोड

उपलब्ध आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश की 23,011 ग्राम पंचायतों में से 4,155 पंचायतों द्वारा ही कार्ययोजना अपलोड की गई है। यानी बड़ी संख्या में पंचायतें अभी भी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाई हैं। ऐसे में 15 सितंबर की समय-सीमा नजदीक आने के साथ पंचायतों और संबंधित अधिकारियों के सामने कार्ययोजना अपलोड कराने की चुनौती बढ़ गई है।

पंचायत राज संचालनालय ने समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को कार्ययोजना अपलोड की प्रक्रिया में तेजी लाने और शेष पंचायतों की कार्ययोजना निर्धारित अवधि में पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

 

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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