– वेतन रोकने, निलंबन और वेतनवृद्धि रोकने जैसी कार्रवाई से नाराज पटवारी संघ, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
डिंडौरी। जिले में पटवारियों की समस्याओं और कथित तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई के विरोध में मध्यप्रदेश पटवारी संघ की जिला शाखा ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। पटवारी संघ ने 1 सितंबर 2026 से जिले के सभी पटवारियों द्वारा कार्यालयीन कार्य से विरत रहते हुए अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। इस संबंध में संघ ने 31 अगस्त को कलेक्टर डिंडौरी को लिखित सूचना देकर अपनी नाराजगी और आंदोलन की जानकारी दी है।
पटवारी संघ द्वारा कलेक्टर को दिए गए पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में जिले के पटवारियों के खिलाफ लगातार वेतन रोकने, निलंबित करने, वेतनवृद्धि रोकने, अवकाश स्वीकृत नहीं करने तथा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अमर्यादित भाषा के प्रयोग सहित कई प्रकार की कार्रवाई किए जाने से पटवारियों में असंतोष और भय का वातावरण निर्मित हो गया है।
– ‘ई-अटेंडेंस का दबाव बनाने’ का भी आरोप
संघ ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि पटवारियों पर ई-अटेंडेंस का दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न प्रकार की कार्रवाई किए जाने का डर दिखाकर ऐसा वातावरण तैयार हो गया है, जिससे जिले के पटवारी अपने काम को लेकर उत्साहित होने के बजाय परेशान, हताश और आक्रोशित हैं।

पटवारी संघ का कहना है कि इन समस्याओं को गंभीरता से लेकर उनका समाधान किया जाना आवश्यक है। संघ के अनुसार जब तक पटवारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता और समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं होती, तब तक जिले के सभी पटवारी आंदोलन जारी रखेंगे।
– 1 सितंबर से कामकाज पर पड़ेगा असर
पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिले के समस्त पटवारियों ने निर्णय लिया है कि 1 सितंबर 2026 से सभी पटवारी कार्यालयीन वाट्सएप/कार्यालयीन व्यवस्था से हटते हुए अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में राजस्व विभाग से जुड़े मैदानी स्तर के कई कार्यों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है।
पटवारियों के हड़ताल पर जाने से नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, भू-अभिलेख संबंधी कार्य, राजस्व जांच एवं रिपोर्ट, विभिन्न प्रमाण-पत्रों से संबंधित प्रक्रियाओं तथा अन्य मैदानी राजस्व कार्यों के प्रभावित होने की आशंका है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग
पटवारी संघ ने कलेक्टर से पूरे मामले में हस्तक्षेप करते हुए पटवारियों की समस्याओं का गंभीरता से निराकरण कराने की मांग की है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय उनकी समस्याओं और कार्य परिस्थितियों को समझते हुए समाधान निकाला जाना चाहिए।
