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हिंसा का रास्ता त्याग कर स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करने वाले वामपंथी उग्रवादियों के लिए ’’मध्यप्रदेश नक्स्ली आत्म‍समर्पण पुर्नवास सह राहत नीति 2023’’

एडीटर: Chetram Rajpoot February 19, 2025

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डिंडौरी : 19 फरवरी, 2025  |  हिंसा का रास्ता त्याग कर स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करने वाले वामपंथी उग्रवादियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए ’’मध्येप्रदेश नक्सली आत्मसमर्पण पुनर्वास सह राहत नीति 2023’’ 28 अगस्त 2023 से लागू है। इस नीति का उद्देश्य आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को लाभकारी रोजगार और उद्यमशील अवसर प्रदान करना भी है। नक्सली/नक्सलवादी से आशय ऐसे व्यक्ति से है,

 

जो उन वामपंथी उग्रवाद से संबंधित संगठनों के कैडर का सदस्य या कार्यकर्ता या संचालक है, जिन्हें केन्द्र अथवा राज्य सरकार द्वारा विधिक प्रावधानों के अंतर्गत निशिद्ध/प्रतिबंधित घोषित किया गया हो। ऐसे व्यक्ति म.प्र का मूल निवासी हो अथवा नहीं, परन्तु उसे म.प्र. में उक्त संगठनों के क्रियाकलाप में संलिप्त होना आवश्यक होगा। आत्म समर्पणकर्ता से आशय उन नक्सली/नक्सलवादी से है जिसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज है या जो ऐसे प्रतिबंधित संगठनों का महत्वपूर्ण पदाधिकारी या कैडर का सदस्य हो और जो हथियार/बिना हथियार के साथ स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करना चाहते हैं।

 

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...