भोपाल। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने छतरपुर जिले की नगर परिषद बकस्वाहा में बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। यहां 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए महिला मुख्य नगर अधिकारी (CMO) नेहा शर्मा और एक उपयंत्री को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
जानकारी के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने आवासीय पट्टा और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के बदले 30 से 40 हजार रुपये की अवैध मांग की थी। इस मामले में शिकायतकर्ता हरिओम अहिरवार ने EOW में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि नगर परिषद की महिला CMO ने सीधे रुपये न लेते हुए रकम उपयंत्री के माध्यम से लेने की योजना बनाई।
EOW की जांच में शिकायत सही पाई गई। तय योजना के तहत जैसे ही उपयंत्री ने 30 हजार रुपये की रिश्वत ली, ट्रैप टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। पंचसाक्षियों की मौजूदगी में जब केमिकल टेस्ट कराया गया तो रिश्वत की रकम गुलाबी रंग में बदल गई, जिससे रिश्वत लेना प्रमाणित हो गया।
बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता का आवासीय पट्टा और प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदन अभी भी नगर परिषद में लंबित है। इस पूरे मामले में महिला CMO और उपयंत्री दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
ट्रैप दल में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक उमा नवल आर्य, निरीक्षक प्रशांत मिश्रा, आदेश जैन, उप निरीक्षक सोनल पांडेय, उप निरीक्षक अतुल पंथी, प्रधान आरक्षक आसिफ खान, रामसजीवन यादव, राकेश बेन, प्रधान आरक्षक (चालक) अफसर अली, आरक्षक गोविन्द अवस्थी, अंकित मिश्रा, आकाश दीक्षित एवं महिला आरक्षक स्वाति दुबे शामिल रहे।







